विधानसभा निलंबन के विरोध में बढ़-चढ़कर आगे आ रही है कांग्रेस
राजस्थान विधानसभा में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर की गई असंसदीय टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आज सीएम भजनलाल शर्मा का पुतला दहन किया. यह प्रदर्शन उदयपुर शहर एवं देहात जिला कांग्रेस पार्टी कमेटी के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए.

21 फरवरी को विधानसभा में इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कड़ा विरोध जताया था. इसके बाद, कांग्रेस पार्टी के छह विधायकों को निलंबित कर दिया गया, जिससे कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया.
मुख्य मांगे : मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक माफी.कांग्रेस के छह विधायकों का निलंबन रद्द किया जाए. मंत्री अविनाश गहलोत को मंत्रिमंडल से हटाया जाए.
शहर एवं देहात कांग्रेस पार्टी का आक्रोश : शहर कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष जीत सिंह राठौड़ ने कहा, “राजस्थान गवर्नमेंट हठधर्मिता पर उतारू है. लोकतांत्रिक विरोध करने वाले विधायकों का निलंबन अलोकतांत्रिक कदम है. यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ता पूरे राज्य में सड़कों पर उतरेंगे.”
देहात कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष कचरूलाल चौधरी ने भी गवर्नमेंट पर निशाना साधते हुए कहा, “यह गवर्नमेंट सिर्फ़ पर्चियों के सहारे चल रही है. विपक्षी नेताओं के विरुद्ध अनर्गल बयानबाजी करना और असंसदीय टिप्पणी करना उनकी अपरिपक्वता को दर्शाता है.”
प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख नेता : राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, महामंत्री पंकज कुमार शर्मा, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, युवा कांग्रेस पार्टी जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह केलावत, शहर जिला प्रवक्ता पंकज पालीवाल, अली असगर, ओम गमेती, फारूक कुरैशी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसजन.
अगर गवर्नमेंट विधायकों का निलंबन रद्द नहीं करती और मंत्री माफी नहीं मांगते, तो कांग्रेस पार्टी पूरे राजस्थान में गवर्नमेंट के विरुद्ध व्यापक विरोध प्रदर्शन करेगी.

