रेप के आरोप में बंद वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा को कोर्ट ने की बरी
MP NEWS: बलात्कार के इल्जाम में भोपाल सेंट्रल कारावास में बंद वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा को बुधवार को न्यायालय ने बरी कर दिया है। मिर्ची बाबा पर लगे बलात्कार के इल्जाम सिद्ध नहीं हो सके हैं। मिर्ची बाबा को ग्वालियर से अरैस्ट करने वाली भोपाल पुलिस इल्जाम सिद्ध नहीं कर सकी। इसके बाद न्यायालय ने बाबा को बाइज्जत बरी किया। न्यायधीश समृता सिंह ठाकुर की न्यायालय ने निर्णय सुनाया। 
करीब एक वर्ष पहले मिर्ची बाबा पर निसंतान स्त्री ने नशीली भभूती खिलाकर बलात्कार करने का इल्जाम लगाया था। भोपाल के स्त्री पुलिस स्टेशन में 8 अगस्त 2022 को मुद्दा दर्ज हुआ था। 9 अगस्त 2022 को भोपाल पुलिस ने मिर्ची बाबा को ग्वालियर से अरैस्ट किया था। गिरफ्तारी के बाद से मिर्ची बाबा सेंट्रल कारावास में बंद हैं। कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट में मिर्ची बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला था।
कोर्ट में इल्जाम तय नहीं कर सका पीड़ित पक्ष
मिर्ची बाबा के वकील श्रीकृष्ण धोसले ने कहा कि निसंतान स्त्री ने नशीली भभूती खिलाकर बलात्कार का इल्जाम लगाया था। इन आरोपों को पीड़ित पक्ष न्यायालय में साबित नहीं कर पाया। इसके बाद न्यायालय ने मिर्ची बाबा को बरी कर दिया। इससे पहले मिर्ची बाबा ने न्यायालय में मर्दानगी टेस्ट पोटेंसी टेस्ट की मांग भी की थी। हालांकि इस याचिका को न्यायालय ने खारिज कर दिया था। न्यायालय में मिर्ची बाबा के वकील ने याचिका दाखिल की थी। न्यायालय में मिर्ची बाबा के साथ हाथापाई का मुद्दा भी सामने आ चुका है।
कांग्रेस ने दिया था राज्य मंत्री का दर्जा
मिर्ची बाबा उस समय काफी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की जीत के लिए 5 क्विंटल मिर्ची से हवन किया था। उस समय मिर्ची बाबा ने दावा किया था कि दिग्विजय सिंह चुनाव नहीं जीते तो वह जल समाधि ले लेंगे। दिग्विजय सिंह के साध्वी प्रज्ञा सिंह से चुनाव हारने के बाद बाबा अपनी बात से पलट गए थे। 2018 में कांग्रेस पार्टी की गवर्नमेंट में मिर्ची बाबा को राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया गया था।

