सनातन को लेकर उदयनिधि के विवादास्पद बयान पर बोले धर्मेंद्र प्रधान
सनातन को लेकर तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोला कि उनका नाम उदयनिधि है। यह उदयनिधि क्या है – उदय और निधि।
भाजपा मुख्यालय में मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए प्रधान ने इशारों-इशारों में बोला कि यदि उदयनिधि अपनी मां से पूछ लेते तो शायद वो उन्हें यह बयान नहीं देने देती।

धर्मेंद्र प्रधान ने बोला कि, “अगर उदयनिधि, नाम क्या है उदय और निधि, यदि अपनी मां को पूछ लेते कि मां मैं ये कहने जा रहा हूं। उनकी मां का मैं आदर करता हूं। स्टालिन जी (एमके स्टालिन) की धर्मपत्नी को, नाम है दुर्गा जी, रोज शक्ति का दर्शन करते हैं। यह भारतीयता है यदि थोड़ा- बहुत पूछ लेते न।”
उन्होंने आगे बोला कि 2014 के बाद दंगा हिंदुस्तान में नहीं के बराबर है। आज हिंदुस्तान में विकास, भाईचारे और सौहार्द की गवर्नमेंट है। आज हिंदुस्तान विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गई है, इन्हें इस बात की पीड़ा है।
प्रधान ने विरोधी दलों पर धावा बोलते हुए आगे बोला कि सनातनी एकता और हिंदुस्तान के विकास से घबराए हुए सामंतवादी मनोवृति की असहिष्णुता और कुंठा निकल कर सामने आ रही है। इन्हें इस बात की पीड़ा है विश्व भर के नेता हिंदुस्तान आकर पीएम मोदी की योजनाओं और उपलब्धियों की प्रशंसा करेंगे, प्रशंसा करेंगे।
एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी यह बताए कि क्या चुप रहना भाषा है ? राहुल गांधी चुप क्यों है, उनके साथ तो भाषा की परेशानी नहीं है ? हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कार्ति चिदंबरम के बयान का जिक्र करते हुए यह भी जोड़ा की उनके साथ तो भाषा की परेशानी नहीं है और उदयनिधि स्टालिन ने भी कोई अचानक बयान नहीं दिया था बल्कि यह एक कार्यक्रम में दिया गया सोचा-समझा बयान था।
उन्होंने बोला कि यह भाषा का विषय नहीं है। इनके मन में घोर कुंठा है। ये घोर असहिष्णु, अलोकतांत्रिक और लोग विरोधी हैं। राहुल गांधी के बयान पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे बोला कि मोहब्बत की दुकान की बात करने वाले नफरत के गोदाम और घृणा की पुड़िया लेकर चल रहे हैं, समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।

