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गांधीनगर पुलिस ने हत्या के आरोप में पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल को किया गिरफ्तार

सेंट्रल कारावास में निरूद्ध है अक्षत अग्रवाल की मर्डर का आरोपी

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के युवा व्यवसायी अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर मर्डर करने के आरोपी का पुलिस नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ कराएगी. इसके साथ ही ब्रेन मैपिंग के लिए पुलिस ने न्यायालय से अनुमति मांगी है. आरोपी ने दावा किया है कि अक्षत अग्रवाल ने स्वयं की हत् दरअसल, अंबिकापुर के अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के बेटे अक्षत अग्रवाल (23) की कार में मृत-शरीर मिली थी. गांधीनगर पुलिस ने मर्डर के इल्जाम में पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल को अरैस्ट किया है.

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संजीव मंडल ने अक्षत अग्रवाल को तीन गोलियां मारी थी. आरोपी के कब्जे से 3 पिस्टल और 31 कारतूस बरामद किए गए थे. संजीव मंडल के पास से 50 हजार रुपए कैश और अक्षत अग्रवाल के सोने की चेन, ब्रेसलेट और अंगूठी बरामद की गई थी.

 

युवा व्यवसायी को पूर्व कर्मचारी ने मारी थी तीन गोली

नार्को टेस्ट कराने पुलिस ने मांगी अनुमति

सरगुजा SP योगेश पटेल ने कहा कि आरोपी संजीव मंडल का पुलिस नार्को टेस्ट कराएगी. नार्को टेस्ट की सुविधा छत्तीसगढ़ में है. ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट का केंद्र गुजरात के गांधीनगर में है. न्यायालय से अनुमति मिलते ही जांच की सारी प्रक्रियाओं को पुलिस पूरा करेगी.

पुलिस ने एक सप्ताह पहले आरोपी को 3 दिनों की रिमांड पर भी लिया था, लेकिन आरोपी अपने दावे पर अड़ा रहा. आरोपी की इस थ्योरी पर किसी को भरोसा नहीं है. ऐसे में ये कदम उठाया गया है.

 

एक पखवाड़े पूर्व कार में मिला था अक्षत अग्रवाल का शव

आईफोन भी भेजा जाएगा रायपुर लैब

मृतक अक्षत अग्रवाल का आईफोन भी पुलिस अनलॉक नहीं कर पाई है. आईफोन का पासवर्ड परिजन भी नहीं बता पाए. आईफोन को चालू कराने रायपुर स्थित राज्य फारेंसिक लैब में भेजा गया है. पुलिस को आशा है कि टेलीफोन खुल जाने पर पुलिस को कुछ नयी जानकारी मिल सकती है.

इन प्रश्नों के नहीं मिले जवाब

परिजनों ने हत्याकांड में एक से अधिक लोगों के शामिल होने का अंदेशा जताया है. हत्याकांड में पुलिस को भी कई प्रश्नों के उत्तर नहीं मिले हैं. मसलन अक्षत अपनी ही मर्डर की सुपारी क्यों देगा, जबकि वह बड़े व्यवसाय को संभाल रहा था. उसके खाते में भी बड़ी धनराशि डिपॉजिट है.

परिजनों के मुताबिक उसकी आलमारी में 12 से 15 लाख रुपए होते थे, जो नहीं हैं. अक्षत ने 3 गैरकानूनी पिस्टल और 34 गोलियां क्यों खरीदी थी? वह आरोपी से लंबे समय से संपर्क में नहीं था, तो अचानक उसके पास क्यों गया. क्या इस हत्याकांड में अन्य लोगों की संलिप्तता है या कोई षड्यंत्र है. पुलिस इन प्रश्नों के उत्तर तलाशने में जुटी है.

 

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छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्टील व्यवसायी अक्षत अग्रवाल (23) की मर्डर पहेली बन गई. पुलिस ने आरोपी संजीव मंडल को अरैस्ट किया है. लेकिन उसके दावे ने मर्डर की गुत्थी को उलझा दिया है. पुलिस ने संजीव को 3 दिन की रिमांड पर लिया है. उससे नए सिरे से पूछताछ करेगी.

2. स्टील व्यवसायी का हत्यारोपी संजीव 3 दिन की रिमांड पर: फिर होगी पूछताछ, अक्षत के परिजन बोले-अपनी सुपारी क्यों देगा; अग्रवाल समाज करेगा आंदोलन

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्टील व्यवसायी अक्षत अग्रवाल (23) की मर्डर पहेली बन गई. पुलिस ने आरोपी संजीव मंडल को अरैस्ट किया है. लेकिन उसके दावे ने मर्डर की गुत्थी को उलझा दिया है. पुलिस ने संजीव को 3 दिन की रिमांड पर लिया है. उससे नए सिरे से पूछताछ करेगी.

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