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चुनाव से पहले खेला बड़ा गेम, हासन और स्टालिन की डील पक्की

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के आते ही राजनीतिक दांव-पेच प्रारम्भ हो गए हैं अदाकार कमल हासन के नेतृत्व वाली पार्टी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) अपनी स्थापना के छह वर्ष बाद शनिवार को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नीत गठबंधन में शामिल हो गई कमल हासन की पार्टी आनें वाले लोकसभा चुनाव में डीएमके को समर्थन देगी मगर हासन इस चुनाव में अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे लोकसभा चुनाव में अपना समर्थन देने के लिए कमल हासन ने डीएमके से एक शर्त रखी है अदाकार से राजनेता बने हासन ने समर्थन के बदले वर्ष 2025 राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी के लिए राज्यसभा में एक सीट की डिमांड की है

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हासन और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष एवं सीएम एम के स्टालिन ने डीएमके मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में इस समझौते को आखिरी रूप दिया हासन ने समझौता करने के बाद संवाददाताओं से बोला कि उन्होंने गठबंधन में शामिल होने का कदम किसी पद के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की खातिर उठाया गौरतलब है कि अपनी स्थापना के छह सालों में एमएनएम ने दो चुनाव अपने दम पर लड़े मगर कामयाबी हाथ नहीं लगी

2018 में कमल हासन ने बनाई पार्टी
दोनों नेताओं के बीच बनी सहमति के अनुसार, एमएनएम पार्टी तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीट और एकमात्र पुडुचेरी क्षेत्र में प्रचार अभियान संबंधी कार्य करेगी हासन ने 2018 में अपनी पार्टी का गठन किया था उन्होंने उस समय घोषणा की थी कि इसका मुद्दों पर मध्यमार्गी दृष्टिकोण होगा पार्टी ने 2019 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ा, लेकिन चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा और दोनों मौकों पर डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन विजयी हुआ

डीएमके दोहराएगी 2019 वाली पारी?
लोकसभा चुनाव को लेकर दक्षिण हिंदुस्तान की राजनीति पर नजर डालें तो तमिलनाडु में डीएमके ने कमल हासन की पार्टी समेत कुल छह पार्टियों के साथ गठबंधन कर लिया है डीएमके ने छह सहयोगी दलों के साथ सीट-बंटवारे पर डील फाइनल कर ली है इन दलों के साथ सीट बंटवारा समझौता 2019 के फॉर्मूले के अनुसार किया गया है, जिसमें उन्हें पिछली बार की ही तरह नौ सीटें दी गई हैं प्रमुख सहयोगी दल कांग्रेस पार्टी के साथ अभी वार्ता फाइनल नहीं हो सकी है हालांकि, डीएमके ने उसे 2019 की ही तरह इस बार भी कुल नौ सीटों का ऑफर दिया है पिछली बार कांग्रेस पार्टी ने 9 में से 8 सीटें जीती थीं, जबकि इस गठबंधन ने कुल 39 में से 38 सीटें जीती थीं

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