IMF ने ग्लोबल ग्रोथ रेट के अनुमानों में की कटौती
इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड यानी IMF ने फाइनेंशियल ईयर-2024 के लिए हिंदुस्तान की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 6.1% से बढ़ाकर 6.3% कर दिया है। IMF ने मंगलवार (10 अक्टूबर) को जारी अपनी अक्टूबर 2023 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है। IMF ने 2 महीने पहले जून में भी हिंदुस्तान की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 0.20% बढ़ाकर 6.1% किया था।

FY25 के लिए IMF ने हिंदुस्तान की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 6.3% पर बरकरार रखा है। IMF ने रिपोर्ट में बोला है कि हिंदुस्तान की ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी। ग्रोथ में ये तेजी अप्रैल-जून के दौरान अनुमान से अधिक खपत को दर्शाता है। वहीं IMF ने ग्लोबल ग्रोथ दर के अनुमानों में कटौती की है।
FY24 में ग्लोबल ग्रोथ दर 3% रहने का अनुमान
IMF ने FY24 के लिए ग्लोबल ग्रोथ दर का अनुमान घटाकर 3% कर दिया गया है, जो FY23 में 3.5% था। वहीं FY25 के लिए भी IMF ने ग्लोबल ग्रोथ का अनुमान घटाकर 2.9% कर दिया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल ग्रोथ ऐतिहासिक स्तर (2000–19) के एवरेज 3.8% से भी काफी नीचे है।
एडवांस इकोनॉमीज की ग्रोथ दर 1.5% रह जाएगी
IMF ने बोला कि एडवांस इकोनॉमीज FY23 में 2.6% की रफ्तार से आगे बढ़ी थीं, जबकि FY24 में इनकी ग्रोथ दर 1.5% रह जाएगी और FY25 में ये ग्रोथ और धीमी होकर 1.4% पर आ जाने का अनुमान है।
इमर्जिंग मार्केट्स और डेवलपिंग राष्ट्रों की ग्रोथ दर में भी गिरावट आएगी
IMF ने इमर्जिंग मार्केट्स और डेवलपिंग राष्ट्रों की ग्रोथ दर में भी गिरावट का अनुमान जताया गया है। इनकी ग्रोथ FY23 में 4.1% थी, FY24 और FY25 के लिए ग्रोथ 4% रहने का अनुमान है।
FY24 में चीन की GDP ग्रोथ दर 5% रहने का अनुमान
IMF ने चीन को लेकर भी GDP ग्रोथ दर अनुमान में कटौती की है। चीन का ग्रोथ अनुमान FY24 के लिए घटाकर 5% कर दिया है, जो कि पिछले अनुमान से 0.2% कम है। इसके अतिरिक्त FY25 के लिए चीन की ग्रोथ के अनुमान को 4.2% किया है, जो पिछले अनुमान से 0.3% कम है।
ग्लोबल महंगाई रेट FY24 में घटकर 6.9% रहने का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई के मोर्चे पर कठोर मॉनिटरी पॉलिसी का असर दिखेगा। ग्लोबल महंगाई रेट लगातार गिरती हुई FY23 में 8.7% से घटकर FY24 में 6.9% और फिर FY25 में 5.8% पर आने का अनुमान है। हालांकि, IMF ने साफ किया है कि FY25 तक भी महंगाई रेट टारगेट के दायरे में नहीं आएगी।
ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट क्या है?
GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP राष्ट्र के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें राष्ट्र की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है।
दो तरह की होती है GDP
GDP दो तरह की होती है। रियल और नॉमिनल। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। अभी GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो दर थे उस हिसाब से कैलकुलेशन। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है।
कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP?
GDP कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, G का मतलब सरकार स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है।

