भारत-अमेरिका साझेदारी” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा…
नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को बोला कि हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण राष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन फीसदी का हानि हो रहा है.
नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में “सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी हस्तक्षेप : भारत-अमेरिका साझेदारी” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोला कि सड़क दुर्घटनाएं हमारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं. हर वर्ष राष्ट्र में 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1,88,000 लोगों की मृत्यु होती है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “जान गंवाने वाले लोगों में 18 से 45 साल की उम्र के 66 फीसदी लोग होते हैं. युवा, प्रतिभाशाली, इंजीनियरिंग स्नातक, मेडिकल विद्यार्थियों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं. वहीं, 18 साल से कम उम्र के बच्चों का यह आंकड़ा 10,000 है. अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं विद्यालयों के आसपास वाले इलाकों में होती हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मामला है. हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हम इन दुर्घटनाओं के साथ अपनी जीडीपी का तीन फीसदी खो रहे हैं.”
उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए बोला कि भारतीय परिदृश्य में एक परेशानी यह है कि हम डीपीआर सलाहकार के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें कभी-कभी लागत और बचत आदि पर अधिक ध्यान दिया जाता है. उन्होंने बोला कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है. इन सुधारों के साथ मौजूदा गवर्नमेंट ने सड़क हादसों में मृत्यु के आंकड़ों में 48 फीसदी और सड़क दुर्घटनाओं में 49 फीसदी की कमी की है.
उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 100 फीसदी ठीक बनाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया.
केंद्रीय मंत्री ने बोला कि अब दुर्घटनाओं के आंकड़े में 50 फीसदी से 60 फीसदी तक की कमी आई है. उन्होंने बोला कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनके ठीक कारणों का पता लगाया जाना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिका और यूरोपीय राष्ट्रों का फायदा उठाते हुए, अब हम बेहतरीन यातायात प्रणाली के संबंध में बहुत सारे कदम उठा रहे हैं. इसके कार्यान्वयन के संबंध में बहुत सारे फैसला लिए गए हैं.”
गडकरी ने बच्चों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए स्कूली शिक्षा में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी देने की आवश्यकता पर बल दिया.


