इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में कैंपस सिलेक्शन के लिए नहीं जाएगी इंफोसिस
भारतीय IT कंपनी इंफोसिस इस वर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में कैंपस सिलेक्शन के लिए नहीं जाएगी। इस बात की जानकारी कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नीलांजन रॉय ने दी है। रॉय इंफोसिस के दूसरे क्वार्टर के परिणाम पर बोल रहे थे। कंपनी ने पिछले वर्ष 50 हजार फ्रेशर्स का रिक्रूटमेंट किया था।

CFO ने कहा- अभी आवश्यकता नहीं
रॉय ने कहा कि हमने पिछले वर्ष आवश्यकता से अधिक हायरिंग की थी। इसलिए हमारे पास अब भी बड़ी संख्या में फ्रेशर्स हैं, जिन्हें जेनरेटिव AI की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसलिए इस बार हम कैंपस सिलेक्शन के लिए नहीं जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में यह बोला कि कंपनी हर तीन महीने में एम्प्लॉइज के नंबर की मॉनिटरिंग करेगी और आवश्यकता के हिसाब से आगे निर्णय लेगी।
वर्क फ्रॉम होम कल्चर समय के हिसाब से ठीक
वर्क फ्रॉम होम कल्चर पर कंपनी के CEO सलिल पारेख ने बोला कि काम के लिए हमारी अप्रोच फ्लेक्सिबल है। उन्होंने बोला कि वर्क फ्रॉम होम का कल्चर भी समय के हिसाब से ठीक है। इसलिए कंपनी स्पेशल प्रोजेक्ट या क्लाइंट से जुड़े कामों के लिए वर्क फ्रॉम होम कल्चर को जारी रखेगी। आवश्यकता पड़ने पर एम्प्लॉइज को ऑफिस में बुला लिया जाएगा।
30 सितंबर तक कंपनी के ऑफिस में एम्प्लॉइज की संख्या 3.28 लाख थी। वहीं ऑफिस से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए इंफोसिस की अप्रोच TCS जैसी कंपनियों से अलग है। TCS ने अपने 6.14 लाख कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने के लिए बोला है।
इंफोसिस ने कल इस वित्त साल के दूसरे क्वार्टर के नतीजे जारी किए
कंपनी ने कल यानी 12 अक्टूबर को Q2FY24 यानी फाइनेंशियल ईयर 2024 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इसके साथ ही डिविडेंड का भी घोषणा किया था।
जुलाई-सितंबर तिमाही में इंफोसिस को ₹6,212 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ है। यह सालाना आधार पर 3% की ग्रोथ है। पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह ₹6,026 करोड़ था। Q1FY24 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹5,945 करोड़ था।

