IRCTC ने श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए एक विशेष धार्मिक यात्रा की घोषणा की…
भारतीय रेलवे के उपक्रम भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए एक विशेष धार्मिक यात्रा की घोषणा की है. इस यात्रा का नाम ‘पुरी गंगासागर अयोध्या धाम यात्रा’ रखा गया है, जो पूरे हिंदुस्तान क
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चित्तौड़गढ़ सहित 6 स्टेशनों से चढ़ेंगे यात्री
इस यात्रा की आरंभ राजस्थान के उदयपुर शहर से होगी. ट्रेन उदयपुर से रवाना होकर चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, जयपुर और सवाई माधोपुर जैसे स्टेशनों से होते हुए यात्रियों को अपने साथ ले जाएगी. इस पूरी यात्रा की अवधि कुल 12 दिनों की होगी जिसमें यात्रियों को हिंदुस्तान के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का मौका मिलेगा. इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक साथ कई तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाना है, जो आम तौर पर समय और रुपयों के अभाव में संभव नहीं हो पाता.
4 अक्टूबर को होगी हिंदुस्तान गौरव यात्रा की शुरुआत
4 अक्टूबर को यात्रा की आरंभ उदयपुर से होगी और 6 अक्टूबर को ट्रेन ओडिशा के पुरी शहर पहुंचेगी. वहां यात्रियों को मशहूर जगन्नाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे और रात्रि आराम पुरी में ही किया जाएगा. इसके बाद 7 अक्टूबर को कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे, जो अपनी प्राचीन और भव्य वास्तुकला के लिए मशहूर है. दर्शन के बाद ट्रेन कोलकाता के लिए रवाना होगी.
8 अक्टूबर को होगा गंगासागर के दर्शन
8 अक्टूबर को ट्रेन कोलकाता पहुंचेगी और वहां से यात्रियों को बसों के माध्यम से गंगासागर ले जाया जाएगा. गंगासागर में समुद्र और गंगा के संगम स्थल पर स्नान और दर्शन करवाए जाएंगे. रात्रि आराम वहीं होगा. 9 अक्टूबर को सभी श्रद्धालुओं को वापस कोलकाता लाया जाएगा, जहां मशहूर काली घाट मंदिर के दर्शन होंगे. दर्शन के बाद ट्रेन जसडीह की ओर रवाना होगी, जो झारखंड राज्य में स्थित है.
10 और 11 अगस्त को कर पाएंगे बाबा बैधनाथ और महाबोधि मंदिर के दर्शन
10 अक्टूबर को ट्रेन जसडीह पहुंचेगी, जहां यात्री मशहूर बैधनाथ धाम के दर्शन करेंगे. बैधनाथ धाम शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह जगह धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व रखता है. इसके बाद ट्रेन बिहार के गया शहर के लिए रवाना होगी. 11 अक्टूबर को गया पहुंचने पर यात्रियों को महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे. ये दोनों मंदिर बौद्ध और हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखते हैं. दर्शन के पश्चात ट्रेन वाराणसी के लिए रवाना होगी.
12 से 15 अगस्त तक वाराणसी, अयोध्या में रहेगा स्टे
12 अक्टूबर को ट्रेन वाराणसी पहुंचेगी, जहां यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर, काशी विशालाक्षी मंदिर और अन्नपूर्णा देवी मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा. इसके साथ ही गंगा नदी के तट पर होने वाली भव्य गंगा आरती भी दिखाई जाएगी. इस दिन रात को सभी यात्री वाराणसी में ही आराम करेंगे. 13 अक्टूबर को ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना होगी. अयोध्या पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को नवनिर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन करवाए जाएंगे. इसके बाद रात में ही ट्रेन वापस उदयपुर के लिए रवाना हो जाएगी और 15 अक्टूबर को यात्रा का समाप्ति होगा.
पैकेज को तीन कैटेगरी में बांटा गया
इस धार्मिक यात्रा को यात्रियों की सुविधानुसार तीन कैटेगरी इकॉनमी, स्टैण्डर्ड और कंफर्ट में बांटा गया है. इकॉनमी कैटेगरी में यात्रियों को नॉन-एसी ट्रेन, नॉन-एसी होटल और नॉन-एसी बसों में यात्रा करवाई जाएगी. इसका कुल मूल्य 24,560 रुपए रखा गया है. स्टैण्डर्ड कैटेगरी में एसी ट्रेन की सुविधा तो होगी, लेकिन होटल और बसें नॉन-एसी होंगी. इस श्रेणी का मूल्य 34,500 रुपए है. वहीं, कंफर्ट कैटेगरी में सभी सुविधाएं एसी होंगी, यानी ट्रेन, होटल और बसें सभी एयर कंडीशनर होंगी. इस श्रेणी का शुल्क 45,275 रुपए निर्धारित किया गया है.
होटल, खाने के अतिरिक्त होगी बीमा की सुविधा
ट्रेन को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से जोड़ा गया है. इसमें इकॉनमी और एसी कोच, बायो-टॉयलेट्स, मॉडर्न किचन-कार जैसी सुविधाएं होंगी. यात्रियों को यात्रा के दौरान शुद्ध और सात्विक भोजन मौजूद कराया जाएगा. इसके अतिरिक्त होटल में ठहरने की व्यवस्था, मंदिरों तक पहुंचाने के लिए बस सुविधा और यात्रा बीमा की सुविधा भी दी जाएगी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान कन्फर्म बर्थ दी जाएगी ताकि उन्हें यात्रा में कोई परेशानी न हो.
सरकारी कर्मचारियों उठा सकते है LTC का लाभ
इस यात्रा का एक और विशेष पहलू यह है कि गवर्नमेंट या सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी इस यात्रा पर वित्त मंत्रालय, हिंदुस्तान गवर्नमेंट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के मुताबिक एलटीसी (लीव ट्रैवल कंसेशन) सुविधा का फायदा भी उठा सकते हैं. यानी वह इस यात्रा को अपनी छुट्टियों के साथ जोड़कर और विभागीय स्वीकृति के आधार पर भत्ता लेकर भी कर सकते हैं.
पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर होगी बुकिंग
आईआरसीटीसी जयपुर के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश सैनी और अपर महा प्रबंधक पर्यटन योगेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि एक आम आदमी के लिए इन सभी तीर्थस्थलों की भिन्न-भिन्न यात्रा करना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि समय, दूरी और बजट सभी बाधाएं बनती हैं. लेकिन यह टूर एक ऐसा अवसर है जिसमें यात्रियों को बहुत ही सुव्यवस्थित और सुविधाजनक ढंग से इन सभी धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे.
जो भी श्रद्धालु या यात्री इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर जाकर सरलता से बुकिंग कर सकते हैं. यह बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जाएगी, इसलिए इच्छुक यात्रियों को समय रहते सीट बुक कर लेनी चाहिए.

