लेटेस्ट न्यूज़

काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशंस की बैठक में जयशंकर ने चीन के बारे में की टिप्पणी

WhatsApp Group Join Now

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच से चीन को एक बार फिर से लताड़ लगाई है जयशंकर ने बोला कि चीन अभी तक यह नहीं बता पाया है कि गलवान में झड़प क्यों हुई थी यह देखना बाकी है कि वे क्या करेंगे उन्होंने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को भी बहुत असामान्य बताया हिंदुस्तान में अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर के नेतृत्व में ‘काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशंस’ की बैठक में जयशंकर (एस जयशंकर) ने तंज के लहजे में चीन के बारे में टिप्पणी की उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान के साथ चीन के संबंध कभी सामान्य नहीं रहे सीमा पर हमेशा दबाव रहता हैNewsexpress24. Com china download 11zon 2023 09 28t131914. 437

2020 में पीएलए गलवान में बेवजह हमारी सेना के साथ झड़प में शामिल था बीजिंग की ओर से आज तक कोई मुनासिब स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है चीन बहुत निंदक है विदेश मंत्री की बात से साफ है कि भारत-चीन के संबंध कभी भी सामान्य नहीं रहे हैं उल्लेखनीय है कि 15 जून 2020 को गलवान घाटी में हिंदुस्तान और चीन की सेनाएं आमने-सामने हो गई थीं दोनों पक्षों के सैनिक लोहे की छड़ों और कंटीले तारों से कई घंटों तक लड़ते रहे इस खूनी एनकाउंटर में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए 1975 के बाद यह पहली बार है कि असली नियंत्रण रेखा पर जानमाल का हानि हुआ है झड़प के बाद सीमा पर एक तरह से युद्ध की स्थिति बन गई आख़िरकार, दोनों राष्ट्रों की सेनाओं ने स्थिति को शांत करने के लिए कई दौर की वार्ता की हालांकि, गर्मी थोड़ी कम होने के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ

बता दें कि गलवान के अतिरिक्त दोनों राष्ट्रों के बीच कई मुद्दों पर तनाव बढ़ा है दक्षिण चीन सागर में लाल सेना की आक्रामकता के विरुद्ध अमेरिका और हिंदुस्तान एकजुट हो गए हैं बढ़ती गर्मी के बीच बीजिंग ने 28 अगस्त को एक नया नक्शा जारी करके नयी दिल्ली के साथ अपना गतिरोध बढ़ा दिया अक्साई चीन पर भी बीजिंग अपना दावा करता है जिसके चलते चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे विश्लेषक हिंदुस्तान में आयोजित जी-20 सम्मेलन में शामिल नहीं हुए

 

Back to top button