कलादास डेहरिया ने एनआईए के छापे को बताया षडयंत्र, कहा…
कलादास डेहरिया अपनी बात रखते हुए
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति के कार्यकर्ता कलादास डेहरिया ने उनके घर में एनआईए के छापे को गवर्नमेंट का षडयंत्र कहा है. उन्होंने बोला कि जिस तरह से गवर्नमेंट ने नियोगी और सुधा भारद्वाज के विरुद्ध दोषपूर्ण कार्रवाई की है अब उनके साथ ही करने जा

कलादार डेहरिया ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए बोला कि 25 जुलाई 2024 को उनके घर एनआईए की टीम आई थी. उनके द्वारा उनके घर की पूरी तलाशी ली गई. इसके बाद टीम उनके घर से एक पेनड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल टेलीफोन लेकर गई है. उन्होंने बोला कि बिना किसी सबूत और प्रूफ के टीम उनका नाम राष्ट्र द्रोहियों के साथ जोड़ने की षड्यंत्र की जा रही है.
उन्होने बोला कि वो और उनकी टीम नाचा गम्मत करके गवर्नमेंट की गलत नीतियों को जनता के सामने ले जाते हैं और गरीब मजदूर की आवाज गवर्नमेंट तक पहुंचाते हैं. वर्ष सन् 2008-09 में उनकी टीम ने नशा के विरोध में पूरे छत्तीसगढ़ में जन जागरण का यात्रा किया था. इसको लेकर तत्कालीन सीएम डाक्टर रमन सिंह ने कलादास डेहरिया के घर तक सम्मान पुरूरकार पहुंचाया था. आज वही बीजेपी की केन्द्र की गवर्नमेंट कलादास डेहरिया को फर्जी मुकदमा लगाकर फंसाने की षड्यंत्र कर रही है.
प्रेसवार्ता में एनआईए की कार्रवाई पर बोलते कलादार और उनके सहयोगी
नियोगी और सुधा भारद्वाज के विरुद्ध भी हुई गलत कार्रवाई
डेहरिया ने बोला कि शंकर गुहा नियोगी ने भी इन्हीं बातों को लेकर वे देशव्यापी आंदोलन किया था. उनके विरोध के चलते हमारे राष्ट्र की प्रबंध और उद्योगपतियों को काफी हानि उठाना पड़ा. इसके चलते 28 सितंबर 1991 को दिन सोये हुये हालात में शंकर नियोगी को जान से मार दिया गया. छत्तीसगढ़ के प्रथम डी।जी।पी। विश्व रंजन ने नियोगी को पहला उग्रवादी कहा था. इसके बाद नियोगी के सिपाहियों को दमन करने का षडयंत्र किया गया. सुधा भारद्वाज भी उसी नियोगी की एक सिपाही हैं, इसीलिए उनकी गिरफ्तारी की और उनका नाम भीमा कोरेगांव वाले फर्जी मुकदमा मं डाल दियागया.
कलादास ने गवर्नमेंट से किए सवाल
- क्या श्रमिकों के न्यूनतम वेतन के लिये माँग करना, संघर्ष करना, देशद्रोही है?
- क्या गरीब बस्तियों को उजाड़ने के विरुद्ध आवाज उठाना देशद्रोही है ?
- क्या हसदेव जैसे जंगल को उजाड़ने के विरुद्ध आवाज उठाना देशद्रोही है ?
- बस्तर में नक्सलवाद के नाम पर ग्रामीण आदिवासियों की मर्डर के विरुद्ध आवाज उठाना क्या देशद्रोही है ?
- मंहगाई, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की समुचित प्रबंध के लिए आवाज उठाना क्या देशद्रोही है ?
- जल-जंगल-जमीन को उजाड़े जाने के विरुद्ध गीत गाना, लेख लिखना क्या देशद्रोही है ?
- महिलाओं के ऊपर हो रहे अन्याय, यौन हिंसा, सियासी हिंसा, घरेलु अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाना क्या देशद्रोही है ?
- भारत के संविधान में प्रदत्त हिन्दु-मुस्लिम-सिक्ख ईसाई की एकता को मजबूत रखने के लिये आवाज उठाना क्या देशद्रोही है ?
- क्या औद्योगिक क्षेत्र के मजदूर, भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका मजदूर, नगरीय निकायों, सीमेन्ट उद्योगों में काम करने वाले ठेका मजदूर के अधिकारों के लिये बोलना, संघर्ष करना देशद्रोही है ?
- केन्द्र हो वा राज्य गवर्नमेंट की गलत नीतियों को उजागर करना क्या देशद्रोही है ?

