इजरायल-हमास जंग के दौरान केरल के पैट निबिन मैक्सवेल की हुई मौत
Isarel-Hamas War: इजरायल-हमास जंग के दौरान केरल के कोल्लम निवासी पैट निबिन मैक्सवेल की मृत्यु हो गई। इजराइल के ऑफिसरों ने कहा कि इस हमले के कारण अन्य लोग घायल भी हुए हैं जिनकी पहचान केरल के निवासी बुश जोसेफ जॉर्ज और पॉल मेलविन के तौर पर हुई है। ये दोनों जख्मी हुए हैं और हॉस्पिटल में भर्ती हैं। 
पैट निबिन मैक्सवेल के पिता पाथरोज मैक्सवेल ने खुलासा किया कि दो सप्ताह पहले उसी क्षेत्र में इसी तरह का सीमा पार धावा हुआ था और उन्होंने अपने बेटे को एक सुरक्षित क्षेत्र में जाने की राय दी थी। पाथरोज ने टीओआई को बताया, ‘हालांकि, वह ऐसा नहीं कर सके क्योंकि उन्हें उनके मालिक से सहमति नहीं मिली थी।‘
गर्भवती पत्नी, पांच वर्ष की बेटी के थे पिता
केरल (kerala) के कोल्लम निवासी 31 वर्षीय पैट निबिन मैक्सवेल दो महीने पहले ही इजरायल गए थे। उनकी पांच वर्ष की बेटी है और सात माह से गर्भवती पत्नी ने उन्हें हाथ हिलाकर अलविदा कहा। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई है। निबिन के पिता पैथ्रोस ने बोला कि निबिन अपने बड़े भाई के पीछे इजरायल गया था। उन्होंने कहा कि वह मस्कट और दुबई में थे और फिर घर लौट आए थे। इसके कुछ दिन बाद ही वह वह इजरायल गए।
पत्नी नर्स, पिता मजदूर
पैट निबिन की पत्नी सेयोना पेशे से एक नर्स हैं लेकिन वर्तमान में काम नहीं कर रही हैं। पाथरोज ने कहा कि सेयोना की बहन और मेरा सबसे बड़ा बेटा, निविन मैक्सवेल इजराइल में पहले से काम कर रहे हैं। उन्होंने निबिन को वहां काम करने के लिए पांच वर्ष के लिए कृषि वीजा की प्रबंध की थी।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में किया डिप्लोमा
पैट निबिन के पिता ने कहा कि वह दो महीने पहले ही अच्छे सैलरी की वजह से खेत में काम करने के लिए इजराइल गया था। मीडियो रिपोर्ट के मुताबिक पैट निबिन एक गरीब परिवार में पले-बढ़े-उनके पिता एक दिहाड़ी मजदूर थे। चवरा आईटीआई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल करने के बाद पैट निबिन मस्कट चला गया था, वहां वह एक बर्फ यूनिट में काम करता था। बाद में एक मैनपावर सप्लाई कंपनी में काम करने के लिए दुबई चला गया और यहां से दो महीने पहले इजराइल गया था।
इजरायल-हमास जंग में किसी भारतीय की पहली मौत
ये इजरायल-हमास जंग (Isarel-Hamas War) के दौरान किसी भारतीय मजदूर की पहली मृत्यु है। भारतीय दूतावास की ओर से बोला गया है कि सोमवार को हुई मृत्यु के बाद दूतावास ‘हमारे सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इजरायली ऑफिसरों के संपर्क में हैं।‘ नयी दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास की ओर से एक्स पर जारी बयान में भारतीय की मृत्यु की पुष्टि की गई। दूतावास ने दावा किया कि इजरायली गांव मार्गालियट में लेबनान से आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह ने एक बगीचे में खेती कर रहे मजदूरों पर धावा किया। पांच अन्य विदेशी मजदूर भी हमले में मारे गए हैं। कहा जा रहा है कि गाजा में युद्ध प्रारम्भ होने के बाद से इजरायल में प्रवेश करने से रोके गए फिलिस्तीनियों के जगह पर इजरायली कंपनियों ने हजारों भारतीय मजदूरों को काम पर रखा है।
इजराइल ने कहा- परिवार को हर संभव मदद
कागजी कार्रवाई और औपचारिकताओं के बाद निबिन का मृतशरीर चार दिनों में केरल वापस लाए जाने की आशा है। हिंदुस्तान में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने निबिन के भाई से बात की है और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

