किरोड़ी ने इस मनोकामना के लिए गंगा में लगाई डुबकी
राजस्थान में भजनलाल गवर्नमेंट में कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा प्रयागराज पहुंचे और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर कर कुंभ स्नान किया। किरोड़ी लाल मीणा बार-बार कहते रहते हैं कि उनकी सनातन में गरही आस्था है। उसी आस्था के चलते महाकुंभ स्नान के लिए, वो उन नेताओं के लिए संदेश भी दे रहे हैं जो आदिवासियों को हिंदू करने में संकोच करते हैं।

आपको याद दिला दें कि पूर्व में आमागढ़ को लेकर कई नेताओं ने बयान दिए थे लेकिन कैबिनेट मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने आमागढ़ पहुंचकर भगवा झंडा लगाया था और बोला था कि हम सब हिंदू और सनातनी हैं।
आपको बता दें कि, गाहे बगाहे आदिवासी तबके के नेताओं ने ही स्वयं को हिंदू धर्म से अलग बताने की परिपाटी प्रारम्भ की है। सबसे पहले कांग्रेस पार्टी विधायक और वागड़ क्षेत्र से आने वाले गणेश घोघरा ने विधानसभा में ये बात कही। उन्होंने बोला कि वे हिंदू नहीं हैं और उन्हें यह धर्म मानने के लिए बाध्य भी नहीं किया जा सकता।
जिसेक बाद निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा ने इस बयान को हवा दी। रामकेश ने बोला कि आदिवासी समाज के लोग हिंदू नहीं हैं। आमागढ़ पर भगवा झंडा फाड़ने के बाद एक बार फिर रामकेश से इस बारे में पूछा गया तो वे हिंदू और गैर हिंदू की बजाय आदिवासियों को सनातनी बताने लगे।
दरअसल, रामकेश मीणा के बयान को उनके निर्वाचन क्षेत्र की डेमोग्राफी से भी जोड़ा गया। बोला गया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में गैर हिंदू भी बड़ी संख्या में वोटर हैं और उन्हें प्रभावित करने के लिए संभवतया ऐसा बोला गया होगा लेकिन रामकेश के इस बयान को बेअसर करने के लिए राज्य सभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने पिछले दिनों नयी काट रखते हुए बोला कि जो मीणा या आदिवासी स्वयं को हिंदू नहीं मानते, उन्हें हिंदू जनजाति होने के नाते मिला हुआ अपना आरक्षण भी छोड़ देना चाहिए।
वैसे आप को बता दें कि आज किरोड़ी लाल मीणा के टेलीफोन टैपिंग पर दिए गये बयान के बाद से इसी मामले पर विधानसभा में गवर्नमेंट को को विपक्ष के प्रश्नों का उत्तर दिना है। भजनलाल गवर्नमेंट की तरफ से इस मामले पर अपना पक्ष रखा जाएगा। हांलाकि पार्टी की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का भी किरोड़ी उत्तर दे चुके हैं और स्वयं को पार्टी का वफादार बता चुके हैं। आज की संगम की डुबकी के बाद किरोड़ी लाल मीणा का मन भी हल्का होगा। जो कुछ दिन पहले चाहत बढ़ने की बात भी कह चुके हैं।

