कोजागर व्रत : इस बार चंद्र ग्रहण होने से ये पूजा दिन में ही करना रहेगा शुभ
28 अक्टूबर, शनिवार को शरद पूर्णिमा रहेगी। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और धर्म-कर्म के काम में लगे लोगों को आशीर्वाद देती हैं। इसी दिन कोजागर व्रत किया जाता है। जिसमें देवी लक्ष्मी और ईश्वर विष्णु की पूजा करने का विधान है, लेकिन धर्मग्रंथों के जानकारों का बोलना है कि इस बार चंद्र ग्रहण होने से ये पूजा दिन में ही करना शुभ रहेगा।

ऐसी भी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की शीतल चांदनी के साथ ही आसमान से अमृत वर्षा होती है, इसलिए इस दिन खीर बनाकर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखा जाए और अगले दिन पूरे परिवार में बांट दिया जाए तो इससे किसी भी प्रकार का बीमारी नहीं लगता है।
इसके साथ ही मिट्टी के कलश या करवे में पानी भरकर छत पर रख दें और अगले दिन इसे पानी में मिलाकर स्नान करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है, लेकिन इस बार चंद्र ग्रहण के चलते ये सभी परंपराएं नहीं निभाई जाएंगी।
क्या है कोजागर व्रत
कोजागरी व्रत, जिसका मतलब ‘कौन जाग रहा है’ होता है। माना जाता है कि देवी लक्ष्मी ये देखती हैं कि इस रात कौन-कौन जाग रहा है और उन्हीं के घर में मां लक्ष्मी प्रवेश करती है और उसका घर समृद्धि से भर देती हैं। शरद पूर्णिमा के दिन आप अपने घर में किसी भी बात को लेकर कलह नहीं करें। इसके अतिरिक्त अपने विचारों को भी पवित्र रखें और विनम्र रहें। इस दिन यदि कोई आपके पास किसी सहायता की आशा को लेकर आए तो उसे खाली हाथ नहीं जाने दें।
भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का अभिषेक
पूर्णिमा तिथि पर विष्णु जी और महालक्ष्मी का अभिषेक खासतौर पर करना चाहिए। अभिषेक दक्षिणावर्ती शंख से करेंगे तो अधिक अच्छा रहेगा। अभिषेक के बाद ईश्वर को नए वस्त्र पहनाएं, फूलों से श्रृंगार करें। धूप-दीप जलाएं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। मिठाई का भोग लगाएं। आरती करें।
भगवान सत्यनारायण की कथा पढ़ें और सुनें
पूर्णिमा पर सत्यनारायण ईश्वर की कथा पढ़ने और सुनने की परंपरा है। ईश्वर विष्णु को ही सत्यनारायण बोला जाता है। स्कंद पुराण में इनकी कथा है। कथा पांच अध्यायों में है, 170 श्लोक हैं और दो विषय हैं। एक विषय है संकल्प न भूलना और दूसरा है प्रसाद का अपमान न करना। सत्यनारायण कथा में कहा गया है कि हमेशा सच बोलें और ईश्वर के प्रसाद का अनादर न करें। कथा की इन बातों को अपने जीवन में उतारने की प्रयास करनी चाहिए।

