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मोबाइल वेटरिनरी यूनिट के प्रभावी संचालन पर चर्चा करते हुए कुमावत ने कहा…

जयपुर. पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बजट में स्वीकृत योजनाओं और कार्यों को शत—प्रतिशत पूरा करने के अपने सभी विभागों के ऑफिसरों को निर्देश प्रदान किए हैं. उन्होंने बोला कि सभी विभाग सुनिश्चित करें कि बजट में स्वीकृत सभी कार्यों को पूर्ण करने की दिशा में अपनी कार्य योजना बनाएं.

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कुमावत बुधवार को पशुपालन विभाग की बजट समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने मुख्य रूप से 2024-25 की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति पर ऑफिसरों से चर्चा कर संतोष व्यक्त किया कि अधिकांश बजट घोषणाएं समय पर पूरी हो गई है. साथ ही विभाग के पास कोई बिल भी लंबित नहीं है.

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की जानकारी देते हुए ऑफिसरों ने कहा कि पिछली बजट घोषणा की अनुपालना में गाय और भैंस के लक्ष्य से अधिक पंजीकरण हो गए जिसका लॉटरी निकाला जा चुका है. अब तक 42 हजार हेल्थ सर्टिफिकेट जारी हो चुके हैं और लगभग 2 हजार पशुओं का बीमा हो चुका है. मंत्री कुमावत ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए बीमा के काम में और गति लाने के निर्देश दिए. उन्होंने शेष रह गए पंजीयन भी शीघ्र परा करने के निर्देश दिए.

वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा में स्वीकृत संस्थाओं के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए कुमावत ने जल्द भूमि के पट्टे प्राप्त कर इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए. ऑफिसरों ने उन्हें इस संबंध में प्रगति से अवगत कराया. नए संस्थानों में मौजूद कराए जाने वाले उपकरणों के संबंध में उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि इनकी गुणवत्ता पूर्णतः सुनिश्चित की जाए. क्वालिटी से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए.

मोबाइल वेटरिनरी यूनिट के कारगर संचालन पर चर्चा करते हुए कुमावत ने बोला कि जिस उद्देश्य से इनकी आरंभ की गई थी अभी वह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है. कहीं चिकित्सक मौजूद नहीं होते तो कहीं दवाइयां और पशुओं को ऐसे में उचित ईलाज नहीं मिल पाता. उन्होंने संबंधित कंपनियों की कठोर मॉनिटरिंग करते हुए सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए. टीकाकरण की प्रबंध को भी और बेहतर तथा सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए मंत्री ने बोला कि इसमें किसी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए.

राज्य में आयोजित पशु मेलों की प्रबंध पर असंतोष जाहिर करते हुए कुमावत ने बोला कि अभी मेलों में अव्यवस्था को लेकर पशुपालकों की शिकायतें आती हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. मेले व्यवस्थित रूप से होने चाहिए. प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से पशु मेलों का आयोजन होना है जिसकी अनुपालना में 11 जिलों में मेलों के लिए जगह चिन्हित कर लिए गए हैं और उनकी गाइडलाइन भी तैयार हो गई है. इस संबंध में शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने सुझाव दिया कि मेले लगाने के राज्य स्तर पर एक मॉडल प्लान बनाया जाए और उसी के अनुरूप सभी मेले आयाजित किए जाएं.

पिछली बजट घोषणा में प्रस्तावित उष्ट्र संरक्षण एवं विकास मिशन की स्थापना निदेशालय में हो गई है. इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. मंत्री ने इस काम में शीघ्रता लाने के निर्देश दिए जिससे कि ऊंटों के नस्ल सुधार और उनके संवर्द्धन के काम में तेजी आ सके.

वर्ष 2025- 26 की बजट घोषणाओं पर चर्चा करते हुए कुमावत ने निर्देश दिया कि सभी घोषणाओं की समय पर गुणवत्तापूर्ण क्रियान्विति ही हमारी अहमियत होनी चाहिए. नयी घोषणा में पशुधन मुफ़्त आरोग्य योजना के अनुसार दवाइयों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है. कुमावत ने दवाइयों का उचित इस्तेमाल करने का निर्देश दिया जिससे पशुओं को अधिक से अधिक फायदा मिल सके. पाली में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं.

बैठक में शासन सचिव पशुपालन डॉ समित शर्मा, उप शासन सचिव संतोष करोल, निदेशक पशुपालन डॉ आनंद सेजरा, वित्तीय सलाहकार मनोज शांडिल्य, अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेश मीना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

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