बागेश्वर धाम में 251 कन्याओं का सामूहिक विवाह हुआ संपन्न

बाइक की स्थान स्वरोजगार के साधन
शिष्य मंडल के श्लोक चौबे ने कहा कि बागेश्वर धाम की परंपरा रही है कि हर विवाह में जोड़े को महत्वपूर्ण सामान दिए जाते हैं। लेकिन इस बार पंडित धीरेन्द्र शास्त्री महाराज ने बाइक की स्थान रोजगार के साधन देने का निर्णय लिया। विवाह के बाद महिलाएं घर में सिलाई का काम प्रारम्भ कर सकती हैं, जिससे वे अपने घर का खर्चा भी चला सकें।
कन्याओं को कई तरह के मिले सामान
प्रतीक तिवारी ने कहा कि इस बार विवाह में 56 तरह की महत्वपूर्ण चीजें दी गईं। इनमें एलईडी टीवी, डबल बेड, गद्दे-तकिए, सोफा सेट, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, स्टडी टेबल, डायनिंग टेबल, गैस सिलेंडर, चूल्हा, प्रेशर कुकर, मेकअप बॉक्स, सूटकेस, लड्डू गोपाल की मूर्ति और बागेश्वर धाम की प्रतिमा शामिल है। साथ ही सोने-चांदी के गहने भी कन्याओं को दिए गए।
वहीं श्लोक चौबे बताते हैं कि दहेज सामग्री के साथ ही कन्याओं के लिए सोने-चांदी का आयटम भी दिया गया है। कान -नाक के लिए सोना हो या पैरों के लिए पायल-बिछिया, ये सब गुरुजी अपने हाथों से ही कन्याओं को सौंपते हैं।

