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संतान और धन दौलत के लिए इस मंदिर में जरूर करें दर्शन

भक्त यदि सच्चे मन से ईश्वर की पूजा अर्चना करे और उनसे कोई चीज मांगे तो ईश्वर जरूर अपने भक्त की इच्छा पूरी करते हैं कहते हैं ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं ईश्वर श्रीकृष्ण तो यूँ भी बहुत दयालु है वह अपने भक्तों की पुकार सुनकर उनके दुख दूर करते है बहुत से पति पत्नी बच्चे की चाहत में संतान गोपाल का पाठ करते हैं कहते हैं कृष्ण के दर्शन से संतान सुख मिलता है जो भक्त दुख दर्द, गरीबी से छुटकारा पाना चाहते हैं तो श्रीकृष्ण के इन विग्रहों के आगे करें प्रार्थना

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गोविंद देवजी, जयपुर 
मान्यता है कि संत रूप गोस्वामी को श्रीकृष्ण ईश्वर की यह मूर्ति वृंदावन के गौमा टीला में 1592 में मिली थी उन्होंने वहीं पर छोटी सी कुटिया इस मूर्ति को स्थापित किया  इनके चले जाने के बाद रघुनाथ भट्ट गोस्वामी ने गोविंदजी की सेवा पूजा संभाली औरंगजेब के शासनकाल में हिन्दू मंदिरों पर कई हमले हुए ब्रज पर हुए हमले के समय गोविंदजी को उनके भक्त जयपुर ले गए, ताकि इस प्रतिमा को कोई हानि न पहुंचे  तब से गोविंद देवजी जयपुर के राजकीय मंदिर में विराजमान हैं आप जब भी जयपुर जाएं गोबिंद देव जी के दर्शन जरूर करें

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जुगलकिशोर जी, पन्ना मध्यप्रदेश 
भगवान श्रीकृष्ण की यह मूर्ति हरिरामजी व्यास को 1620 की माघ शुक्ल एकादशी को वृंदावन के किशोरवन में मिली  व्यासजी ने उस प्रतिमा को वहीं प्रतिष्ठित किया  बाद में ओरछा के राजा मधुकर शाह ने किशोरवन के पास मंदिर बनवाया यहाँ मुगलों ने आक्रमण करके इस चमत्कारी मूर्ति को हानि पहुँचाना चाहा तब जुगलकिशोरजी को उनके भक्त ओरछा के पास पन्ना ले गए

 मदन मोहनजी, करौली राजस्थान
श्रीकृष्ण की यह मूर्ति अद्वैतप्रभु को वृंदावन में कालीदह के पास द्वादशादित्य टीले से प्राप्त हुई थी उन्होंने मूर्ति मथुरा के एक चतुर्वेदी परिवार को सौंप दी और चतुर्वेदी परिवार से मांगकर सनातन गोस्वामी ने सन् 1533 में फिर से वृंदावन के उसी टीले पर स्थापित की  बाद में उड़ीसा के राजा और मुलतान के नमक व्यापारी रामदास कपूर ने अपनी मुराद पूरी होने के बाद यहां मदनमोहनजी का विशाल मंदिर बनवाया मुगलों के आक्रमण के समय इन्हें भी भक्त जयपुर ले गए बाद करौली के राजा गोपालसिंह ने बड़ा सा मंदिर बनवाकर मदनमोहनजी की मूर्ति को स्थापित किया

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