नारायणपुर जिले को जलजीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित
रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहा जा रहा है। इसी क्रम में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। नारायणपुर जिले को आकांक्षी जिले के भीतर जलजीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से केंद्रीय जलशक्ति, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस सम्मान के लिए नारायणपुर वासियों को तथा इस कार्य में लगे जलजीवन मिशन के ऑफिसरों एवं कर्मचारियों को शुभकामना दी है।

हर ग्रामीण को सही पेयजल मौजूद कराना था चुनौतीपूर्ण
गौरतलब है कि बहुत मुश्किल बसाहटों वाले नारायणपुर जिले के प्रत्येक गांव में हर ग्रामीण को सही पेयजल मौजूद कराना चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए केंद्र गवर्नमेंट ने आंकाक्षी जिले के भीतर नारायणपुर जिले को सम्मानित किया। केंद्र गवर्नमेंट द्वारा जलजीवन सर्वेक्षण 1 अक्टूबर 2022 से 30 जून 2023 तक कराया गया। इसमें आकांक्षी जिलों भीतर नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट पाया गया। इस जिले के लिए जलजीवन मिशन ने 30 हजार 322 परिवारों तक सही पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था इसमें 18 हजार 72 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है, और 14 गांव ऐसे हैं जहां सौ फीसदी परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है।
शुद्ध पेयजल पहुंचाने का कार्य मिशन मोड पर किया जा रहा
बता दें, कि मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जलजीवन मिशन के भीतर सही पेयजल पहुंचाने का काम मिशन मोड पर किया जा रहा है। जलजीवन मिशन संचालक आलोक कटियार ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सतत् मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के कार्यों में मानक गुणवत्ता के साथ वांछित प्रगति मिली है, वर्तमान में राज्य द्वारा औसतन रोजाना 7000 घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि अर्जित की जा रही है तथा 60 फीसदी परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिया जा चुका है। अब तक राज्य के कुल 422 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है। नारायणपुर जिले में दो विकासखंड ओरछा और नारायणपुर है।
प्रदेश में जलजीवन मिशन के भीतर राज्य के कुल 43 हजार 974 शाला (86.78 प्रतिशत), 41 हजार 719 आंगनबाड़ी केंद्र (83.39 प्रतिशत) एवं 5246 स्वास्थ्य केंद्र (97.86 प्रतिशत) में रनिंग वाटर मौजूद कराया जा चुका है। प्रदेश के सौ फीसदी अर्थात 2470 आश्रम शालाओं में रनिंग वाटर की सुविधा मौजूद कराई गई है। प्रदेश के 7 जिलों धमतरी, राजनांदगांव, मुंगेली, रायपुर, दुर्ग, जांजगीर चांपा एवं सक्ती में 70 फीसदी से अधिक घरेलू कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। दंतेवाड़ा जिले में 26 हजार 891 अर्थात 53.01 फीसदी ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय किया गया है। दंतेवाड़ा जिले के 19 गावों में सौ फीसदी परिवारों में नल कनेक्शन मौजूद कराया गया है, तथा 5 गांवों में हर-घर जल प्रमाणीकरण कराया जा चुका है।

