उमर अब्दुल्ला का प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार, बोले…
Omar Abdullah hits back at Prime Minister Narendra Modi : नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को पीएम नरेन्द्र मोदी पर तीखा धावा करते हुए बोला कि उन्हें वंशवाद की राजनीति का मामला उठाने के बजाय जम्मू और कश्मीर में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.
इससे पहले दिन में डोडा जिले में बीजेपी उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने बोला था कि जम्मू और कश्मीर में सियासी वंशवाद ने क्षेत्र को नष्ट कर दिया है और नए नेतृत्व को उभरने नहीं दिया. पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए नेकां उपाध्यक्ष ने बोला कि बीजेपी को इन दलों के साथ गठबंधन करने में कोई हिचक नहीं है. उन्होंने किश्तवाड़ में एनकाउंटर के दौरान दो सैनिकों की वीरगति पर पीएम की खामोशी पर प्रश्न उठाया.

उमर अब्दुल्ला ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में कहा, पीएम ने डोडा में भाषण दिया…किश्तवाड़ में हुए हमले को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं जिसमें उत्तरी कश्मीर में एनकाउंटर के दौरान सेना के दो बहादुर जवान शहीद हो गए. उन्होंने कहा, वह लोगों को गुमराह करने के लिए वंशवाद की बात करते हैं. उन्हें वर्तमान स्थिति के बारे में बात करनी चाहिए थी.
उन्होंने बोला कि जब पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद-370 को खारिज किया गया तो राष्ट्र के लोगों से बोला गया कि कश्मीर में अत्याचार विशेष दर्जे के कारण है और इसे (विशेष दर्जे को) हटाए जाने के बाद बंदूक (आतंकवाद) का असर ‘खत्म’ हो जाएगा. नेकां नेता ने कहा, पांच वर्ष हो गए हैं, लेकिन (आतंकी) एनकाउंटर अब भी जारी हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर वंशवाद की राजनीति को लेकर धावा कहा था. इस बारे में पूछे जाने पर उमर अब्दुल्ला ने बोला कि बीजेपी सत्ता में आने के लिए इन दलों के साथ गठबंधन करने में कुछ भी गलत नहीं देखती.
उन्होंने कहा, जब बीजेपी को इनमें से किसी एक परिवार की आवश्यकता थी, उस समय हम (जम्मू-कश्मीर के) विनाश के लिए उत्तरदायी नहीं थे. जब बीजेपी का पीडीपी से गठबंधन था तब उसे पीडीपी में कुछ भी गलत नहीं लगा. जब (पूर्व पीएम अटल बिहारी) वाजपेयी को मंत्री बनाना था और उन्होंने मुझे चुना, तब हममें कुछ भी गलत नहीं था. अब चुनाव के दौरान वे कहते हैं कि हम गलत हैं.
नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने दावा किया कि यदि जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी के पास गवर्नमेंट बनाने के लिए महत्वपूर्ण संख्या बल नहीं होगा और पीडीपी उसे समर्थन देने का निर्णय करेगी, तब उन्हें (भाजपा को) इसमें कुछ भी गलत नहीं लगेग

