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पीएम मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए पहुंचे अपुलिया

G7 summit: पीएम नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) जी7 शिखर सम्मेलन (G7 summit) के ‘आउटरीच सत्र’ में शिरकत करने के लिए अपुलिया पहुंचे. पीएम मोदी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ व्यापक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हवाई अड्डे से एक वीडियो संदेश में बोला कि हिंदुस्तान के पीएम जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए इटली के ब्रिंडिसी हवाई अड्डे पहुंचे.Download 11zon 2024 06 14t102718. 361

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मोदी का आज बहुत व्यस्त कार्यक्रम : प्रवक्ता ने बोला कि उनका आज (शुक्रवार) का दिन बहुत व्यस्त रहने वाला है. हमारी एक के बाद एक कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से साथ द्विपक्षीय बैठकें हैं. वे (मोदी) जी7 शिखर सम्मेलन के ‘आउटरीच सत्र’ को भी संबोधित करेंगे.

पोप फ्रांसिस से होगी मुलाकात : पीएम मोदी अपने 1 दिन के दौरे में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी द्वारा आयोजित कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऊर्जा, अफ्रीका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक सत्र में हिस्सा लेंगे. इस सत्र में पोप फ्रांसिस भी शामिल होंगे. पोप फ्रांसिस के मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की भी आशा है.

इससे पहले मोदी ने गुरुवार शाम को इटली के लिए रवाना होने से पहले एक बयान में बोला था कि मैं विश्व के अन्य नेताओं से मिलने और हमारे ग्रह को बेहतर बनाने तथा लोगों के जीवन में सुधार लाने के उद्देश्य से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं. उन्हें खुशी है कि लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पीएम चुने जाने के बाद उनकी पहली यात्रा जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली की हो रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने बोला कि मैं 2021 में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी इटली यात्रा को गर्मजोशी से याद करता हूं. पिछले वर्ष पीएम मेलोनी की हिंदुस्तान की 2 यात्राएं हमारे द्विपक्षीय एजेंडे में गति और गहराई लाने में सहायक रहीं. हम भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हिन्द-प्रशांत एवं भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में योगदान बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

उन्होंने बोला कि ‘आउटरीच सत्र’ में चर्चा के दौरान कृत्रिम मेधा, ऊर्जा, अफ्रीका एवं भूमध्यसागर पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा. यह हिंदुस्तान की अध्यक्षता में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन तथा आनें वाले जी7 शिखर सम्मेलन के परिणामों के बीच व्यापक सामंजस्य लाने और उन मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर होगा, जो ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए जरूरी हैं. मैं इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं.

 

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