अमेरिकी खुफिया प्रमुख गबार्ड से भेंट करने पहुंचे पीएम मोदी, इन मुद्दों पर की चर्चा
अमेरिका पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने अपनी पहली औपचारिक आधिकारिक बैठक में अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की. बुधवार को तुलसी गबार्ड को अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस बनाए जाने की पुष्टि की गई.

बुधवार रात बैठक के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उन्हें उनकी नियुक्ति पर शुभकामना दी. भारत-अमेरिका मित्रता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जिसकी वह हमेशा से प्रबल समर्थक रही हैं.”
बुधवार को सीनेट में राष्ट्र की शीर्ष खुफिया पद के लिए हुए मतदान में गबार्ड ने जीत हासिल की और पीएम मोदी से मिलने से कुछ घंटे पहले ही शपथ ली. उन्हें 52 वोट मिले. सिर्फ़ एक रिपब्लिकन सीनेटर मिच मैककोनेल ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर उनके विरुद्ध वोट किया.
गबार्ड एक अमेरिकी हिंदू हैं. उनके विरोधियों में से कुछ ने उनके विरुद्ध अपने अभियान में उनके धर्म का इस्तेमाल किया. प्रतिनिधि सभा में अपने 11 सालों के कार्यकाल के दौरान, वह हिंदुस्तान की प्रबल समर्थक रहीं. उन्होंने हाउस इंटेलिजेंस सब-कमेटी और सशस्त्र बल समिति में भी काम किया. वह डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य रही और बाद में ट्रंप की सहयोगी बन गईं.
अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने गबार्ड को पद की शपथ दिलाई, जिन्हें ट्रंप ने असाधारण साहस और देशभक्त अमेरिकी स्त्री बताया. उन्होंने उल्लेख किया कि उन्हें आर्मी नेशनल गार्ड में तीन बार तैनात किया गया था और वह एक पूर्व डेमोक्रेटिक कांग्रेस पार्टी वुमन हैं.
हवाई से डेमोक्रेटिक कांग्रेस पार्टी वुमन 43 वर्षीय गबार्ड को जासूसी एजेंसियों की देखरेख के लिए उनकी उपयुक्तता के बारे में द्विदलीय शक का सामना करना पड़ा था. गबार्ड ने राष्ट्रपति को उनके प्रति विश्वास के लिए धन्यवाद दिया और शपथ ग्रहण के बाद ” खुफिया समुदाय को फिर से केंद्रित करने” की कसम खाई.
नए खुफिया प्रमुख ने बोला कि दुर्भाग्य से अमेरिकी लोगों को खुफिया समुदाय पर बहुत कम भरोसा है. मुख्यतः इसलिए क्योंकि उन्होंने एक ऐसी इकाई का हथियारीकरण और राजनीतिकरण देखा है, जिसे पूरी तरह से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित होना चाहिए.
वह पहले भी कई बार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मिल चुकी हैं. वर्ष 2019 में एक बैठक के बाद उन्होंने बोला था कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे जरूरी भागीदारों में से एक है.
उन्होंने कहा, “यह जरूरी है कि हम अपने दोनों राष्ट्रों के बीच इस साझेदारी को मजबूत करना जारी रखें, जिसे लंबे समय से डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों नेताओं का समर्थन प्राप्त है.”
इस बीच, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पर एक पोस्ट में बोला कि बुधवार की बैठक के दौरान चर्चा आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरते खतरों से निपटने के लिए खुफिया योगदान बढ़ाने पर भी केंद्रित थी. पोस्ट में बोला गया है, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के साथ एक सार्थक बैठक की. आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और उभरते खतरों से निपटने में खुफिया योगदान बढ़ाने पर चर्चा हुई.”
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस दौरे के बाद बुधवार शाम करीब 5.30 बजे अमेरिकी राजधानी पहुंचे, जहां उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी. पीएम मोदी और ट्रंप गुरुवार को व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय चर्चा करेंगे.
इस संबंध में पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “हमारे राष्ट्र अपने लोगों के फायदा और हमारे ग्रह के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.“

