हिसार में कांग्रेस पर फूटा पीएम मोदी का गुस्सा, इस मुद्दे को लेकर दागे सवाल
पीएम मोदी बाबा साहेब डाक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती पर हरियाणा के हिसार में पहुंचे हैं. यहां प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने करोड़ों रुपये की भिन्न-भिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन किया है. इसके अतिरिक्त प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां पर हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली उड़ान को भी प्रारम्भ किया. इसके साथ ही प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां पर एक विशाल जनसभा को भी संबोधित किया. इस दौरान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति ने बाबा साहेब के सपनों को रौंदा है. आइए जानते हैं कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिसार रैली के संबोधन में क्या कुछ बोला है…।

हिसार रैली में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की खास बातें:-
इस दौरान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद से पास हुए वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर बोला कि इसमें संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा को फिर से केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है. गवर्नमेंट ने साफ बोला कि अब नए वक्फ कानून के अनुसार आदिवासियों की जमीन को राष्ट्र के किसी भी कोने में वक्फ बोर्ड हाथ भी नहीं लगा पाएगा.
पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर इल्जाम लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा वोटबैंक की राजनीति की है और उसे ही अहमियत दी है. कांग्रेस पार्टी ने केवल कुछ कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए नीतियां बनाई. वहीं समाज का बड़ा हिस्सा भेदभाव से जूझता रहा. इसमें मुसलमान समुदाय से लेकर दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और गरीब लोग शामिल हैं.
पीएम मोदी ने बोला कि वक्फ कानून कांग्रेस पार्टी की इस नीति का जीवंत उदाहरण था. बीजेपी गवर्नमेंट ने इस कानून को संशोधित कर समानता और इन्साफ की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.
पीएम मोदी ने कर्नाटक की कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट पर भी प्रश्न उठाए हैं. उन्होंने बोला कि यहां राज्य गवर्नमेंट द्वारा SC, ST और OBC वर्गों के अधिकारों को छीनकर धर्म आधारित आरक्षण लागू किया जा रहा है, जो बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों का सीधा विरोध है. बाबा साहेब ने साफ बोला था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता है.
पीएम मोदी ने बोला कि कांग्रेस पार्टी ने सत्ता पाने के लिए संविधान के प्रावधानों को तोड़-मरोड़कर इस्तेमाल किया है. जब-जब उन्हें सत्ता से बाहर जाने का डर हुआ, तब-तब उन्होंने संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण आपातकाल है.

