महेशपुर पंचायत सभागार भवन में प्रभात खबर संवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन
पाकुड़ जिला भीतर महेशपुर पंचायत के बैठक भवन भवन में प्रभात समाचार संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण वार्ड सदस्य सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। प्रभात संवाद कार्यक्रम में लोगों ने क्षेत्र में ज्वलंत मुद्दों में से प्रखंड मुख्यालय में गड्ढेनुमा सड़क, पेयजल और बिजली संकट को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यक्रम में लोगों ने प्रखंड मुख्यालय के डाकबंगला से पोस्ट ऑफिस, बाबूपाड़ा से लेकर अंबेडकर चौक और हाटपाड़ा, तिवारीपाड़ा और लेटपाड़ा में बड़े- बड़े गड्ढेनुमा सड़क पर जलजमाव और इसके चलते हो रही दुर्घटनाओं को लेकर अपनी बातें रखीं। इन ज्वलंत मुद्दों को लेकर ग्रामीण और वार्ड सदस्यों ने चर्चा की। साथ ही पेयजल और बिजली की परेशानी को लेकर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रभात समाचार संवाद कार्यक्रम कर क्षेत्र की समस्याओं को जनप्रतिनिधि, विभाग, नेता और मंत्री तक पहुंचाने और क्षेत्र के लोगों से जुड़ने को लेकर प्रभात समाचार अखबार की इस पहल की भी खूब सराहना की।
क्या बोला लोगों ने
ग्रामीण बमबम यादव ने बोला कि महेशपुर बाजार की सड़कों पर विभाग द्वारा गड्ढे की जल्द से जल्द मरम्मत करनी चाहिए। कारण इन गड्ढेनुमा सड़कों पर आये दिन हादसा घटती रहती है। मनोज सिंह का बोलना है कि इस बार बारिश कम हुई है, जिसके कारण बांसलोई नदी सूख गयी है। इसको लेकर पेयजल संकट गहराने लगा है। यहां के जनप्रतिनिधि और विभाग को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
महेशपुर पंचायत में 109 चापाकल, फिर भी ग्रामीण प्यासे
ग्रामीण लालू कुमार राय का बोलना है कि प्रखंड मुख्यालय स्थित तिवारीपाड़ा सहित अन्य मुहल्ले में नालियों की सालों से सफाई नहीं हुई है। इसके कारण पानी सड़क पर बह रहा है। प्रशासन को नाली की सफाई करनी चाहिए, ताकि हम सड़कों पर सुरक्षित चल सकें और रोंगों का डर ना बना रहे। वहीं, ग्रामीण पांसुरी रविदास का बोलना है कि पेयजल की परेशानी आज से नहीं, यह पुरानी परेशानी है। महेशपुर पंचायत में 109 चापाकल हैं। लेकिन पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा इसे ठीक नहीं किया जाता है। यदि विभाग ठीक ढंग से काम करे तो हम लोगों को प्यासा नहीं रहना पड़ेगा।
पेयजल, बिजली और सड़क सबसे बड़ी समस्या
ग्रामीण कविता सिंह ने बोला कि महेशपुर में कई समस्याएं हैं, लेकिन पेयजल, बिजली और सड़क सबसे बड़ी परेशानी है। इस परेशानी को दूर करने को लेकर जनप्रतिनिधि और विभाग को जरूर पहल करनी चाहिए। वहीं, लालटू सिंह का बोलना है कि नदी का पानी सूख गया है। जलापूर्ति योजना भी फेल है। क्षेत्र में चापाकल सभी सूखे पड़े हैं। पेयजल की परेशानी बहुत बड़ी है। महेशपुर साप्ताहिक हाट परिसर में एक भी चापाकल नहीं रहने के कारण लोग इधर-उधर भटकते रहते हैं।
पेयजल की परेशानी विकराल
ग्रामीण रंजीत यादव ने बोला कि महेशपुर में बिजली, पेयजल और सड़क सबसे बड़ी ज्वलंत मुद्दों में से एक है। इन दिनों सड़क और पेयजल के साथ-साथ बिजली भी आंखमिचौली खेलती रहती है। इस ज्वलंत मामले को लेकर यहां के विधायक, जनप्रतिनिधि और विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं, सुकचांद कर्मकार का बोलना है कि इस बार पानी का संकट देखा जा रहा है। कई लोग दूसरे के घर से बोरिंग का पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। हमलोगों के मोहल्ले में चापाकल है, जो सूखा पड़ा है। विभाग और जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान दें तो हम मोहल्ले वासी प्यास से बच सकते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभाग जल्द परेशानी का करे समाधान
समाजसेवी अनंत कुमार गुप्ता ने बोला कि महेशपुर सहित सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी पानी की परेशानी देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त खेती के लिए पानी की प्रबंध भी यहां नहीं है। पदाधिकारियों को इस पर नजर डालनी चाहिए। वहीं, समाजसेवी पुलोक घोष ने बोला कि प्रखंड में पेयजल की परेशानी बड़ी परेशानी में एक है। इसमें क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने कई मोहल्ले में पेयजल की परेशानी दूर करने को लेकर पानी टंकी लगवाया है, लेकिन अभी भी कई मोहल्ले पेयजल की परेशानी से जूझ रहे हैं। इसमें क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और विभाग को जल्द से जल्द पेयजल की परेशानी दूर कराने की आवश्यकता है।
क्या कहते हैं वार्ड सदस्य
वार्ड सदस्य रंजीता रानी रजक ने बोला कि महेशपुर में सड़क की हालत काफी खराब है। राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी इन गड्ढेनुमा सड़क का शिकार बन जाते हैं। और उनका यूनिफॉर्म कीचड़ से भर जाता है। विभाग को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं, वार्ड सदस्य आशा राय ने बोला कि महेशपुर के लोगों की सुविधा के लिए पेयजल को लेकर बेहतर मास्टर प्लान बनाकर काम करने की जरूरत है। ऐसा करने से ही महेशपुर पंचायत का सर्वांगीण विकास दिख सकेगा और लोगों की प्यास बुझ सकेगी।
सड़कों का हाल-बेहाल
वार्ड सदस्य राम नगीना ने बोला कि महेशपुर में कई समस्याएं हैं, लेकिन पेयजल सबसे बड़ी परेशानी है। इस परेशानी को दूर करने को लेकर विभाग को जरूर पहल करनी चाहिए। वहीं, वार्ड सदस्य ज्योति सिंह ने बोला कि महेशपुर में पानी की परेशानी हर स्थान देखी जा रही है। जनप्रतिनिधियों द्वारा चापाकल की मरम्मत की गयी, लेकिन पानी का जलस्तर नीचे रहने के कारण सभी चापाकल खराब पड़े हुए हैं। विभाग को इस पर संज्ञान लेते हुए नया चापाकल लगाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त वार्ड सदस्य सलीम शेख ने बोला कि महेशपुर प्रखंड मुख्यालय की सड़कों का हाल-बेहाल है। विभाग और क्षेत्रीय विधायक और सांसद को ध्यान देने की आवश्यकता है।

