G20 शिखर सम्मेलन के दौरान पकड़े गए आवारा कुत्तों को रिहा करने की प्रक्रिया हुई शुरू
नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली हाई कोर्ट को अवगत कराया है कि उसने जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों के दौरान पकड़े गए आवारा कुत्तों को रिहा करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है.

अदालत एक पशु कार्यकर्ता द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और हाल ही में जी20 शिखर सम्मेलन जैसे विशेष कार्यक्रमों के दौरान आवारा कुत्तों के साथ व्यवहार के बारे में चिंता जताई गई थी.
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (एडब्ल्यूबीआई) को आवारा कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने के दौरान पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 के अनुसार सभी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
याचिकाकर्ता के वकील ने बोला कि पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023 आवारा कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने के लिए एक विस्तृत तंत्र प्रदान करता है. इन नियमों में नंबरदार कॉलर वाले पकड़े गए कुत्तों की तुरंत पहचान करने, मुनासिब रिकॉर्ड बनाए रखने और उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ने की जरूरत शामिल है जहां से उन्हें पकड़ा गया था.
एमसीडी के वकील ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान पकड़े गए कुत्तों को रिहा करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसकी पुष्टि एडब्ल्यूबीआई के वकील ने एक बयान से की.
अदालत ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और छोड़ने के संबंध में पशु जन्म नियंत्रण नियमों के कठोर अनुपालन के महत्व पर बल दिया.
इसके बाद न्यायालय ने विशेष आयोजनों और सामान्य तौर पर आवारा कुत्तों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए इन नियमों के पालन की जरूरत को रेखांकित करते हुए जनहित याचिका का निपटारा कर दिया.(आईएएनएस)

