अनाबद्ध निधि से 10.56 करोड़ रुपए की योजनाओं की मिली स्वीकृति
उपायुक्त ने सभी विभागों के ऑफिसरों से लंबित एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया, एग्रीमेंट प्रक्रिया, कार्य अवधि, एनओसी समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। इस मौके पर उपायुक्त ने बोला कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से आम जनता को गुणवत्ता को लेकर कोई कम्पलेन नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशत किया कि अनाबद्ध एवं डीएमएफटी के अनुसार संचालित योजनाओं की गुणवत्ता में कोई ढिलाई सामने नहीं आनी चाहिए, वरना संबंधित संवेदक के साथ-साथ कार्यपालक अभियंताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी। डीएमएफटी भीतर विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण, पेयजल, आंगनबाड़ी केन्द्र मरम्मत तथा निर्माण, अस्पतालों में आधारभूत संरचना निर्माण समेत कई योजनाओं के संचालन की समीक्षा की गई। बैठक में विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग कक्षा निर्माण, आंगनबाड़ी तथा अस्पतालों में संचालित योजनाओं को अहमियत के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
31 तक चावल जमा नहीं हुआ तो देना पड़ेगा पैसा
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले के राइस मिलरों के साथ उन्हें सौंपे गए धान के एवज में सौ फीसदी चावल जमा करने को लेकर समाहरणालय बैठक भवन में बैठक की।
उपायुक्त ने मिलरों की धीमे कार्य को लेकर अप्रसन्नता व्यक्त की और 31 अक्टूबर तक हर हाल में सौ फीसदी चावल सुपुर्द करने के निर्देश दिए। चावल जमा नहीं करने की स्थिति में अवशेष सीएमआर की समतुल्य राशि या प्राप्त धान के समतुल्य बैंक गारंटी जमा करने के निर्देश दिए। 27 तक कुल 2,15,979 क्विंटल सीएमआर चावल राइस मिलरों द्वारा सुपुर्द किया गया है। करीब पौने दो लाख क्विंटल चावल अभी और जमा करना है। उपायुक्त ने उन्हें कठोर हिदायत दी कि चावल जमा करने में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। साथ ही बोड़ाम प्रखंड स्थित गोदाम के संचालन का निर्देश दिया। उन्होंने बोला कि जितने भी गोदामों की छत के चूने की परेशानी है, उसे ठीक करें।

