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छिंदवाड़ा और इन जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश

भोपाल, 30 मार्च (हि). मध्यप्रदेश में बीते दो दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है. शनिवार को भी दिनभर तेज धूप निकलने के बाद शाम को कई इलाकों में अचानक मौसम बदल गया. इस दौरान छिंदवाड़ा और सीधी जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी. साथ ही ओले भी गिरे. जिससे फसलों को हानि होने की समाचार है. मौसम विभआग की मानें तो रविवार को भी जबलपुर, शहडोल संभाग के कई जिलों में कहीं-कहीं तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने की आसार है. शेष क्षेत्रों में आंशिक बादल बने रह सकते हैं, लेकिन वातावरण शुष्क होने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी.Newsexpress24. Com news india live latest india newsbreaking news today download 11zon 2024 03 31t094

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भोपाल मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में भिन्न-भिन्न स्थानों पर पांच मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं. हवाओं का रुख भी दक्षिण-पूर्वी बना हुआ है. हवाओं के साथ नमी आने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आसार बने हुए हैं. रविवार को जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. शेष स्थानों पर मौसम शुष्क रहने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी भी होगी. इस बार अप्रैल माह में गर्मी के तेवर पिछले सालों की तुलना में तीखे रहने की आसार है. साथ लू के दिनों की संख्या भी बढ़ सकती है.

विभाग के अनुसार, शनिवार को सतना में लू चली. दमोह, खजुराहो, मंडला एवं सतना में गर्म रातें रहीं. महाकोशल-विंध्य के जिलों में दो दिन से बढ़ी गर्मी के बीच शनिवार को उमरिया, सीधी और सतना जिले में ओलावृष्टि हुई है. वहीं छिंदवाड़ा, कटनी, दमोह, डिंडौरी में वर्षा हुई. कटनी में आकाशीय बिजली गिरने से एक की मृत्यु हुई है. उमरिया जिले के करकेली जनपद क्षेत्र के ग्राम निगहरी में जमकर ओलावृष्टि हुई है. लगभग 45 मिनट तक वर्षा हुई और बीच-बीच में ओलावृष्टि होने से रबी की फसल को हानि हुआ है.

इससे पहले शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से चंबल अंचल के 22 गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी हानि हुआ है. मुरैना और भिंड जिले में ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और कटी रखी गेहूं और सरसों की फसल को बर्बाद कर दिया है. मुरैना जिले के 16 गांवों और भिंड जिले के करीब छह गांवों में 80 फीसदी तक फसलों को हानि हुआ है.

वरिष्ठ मौसम जानकार अजय शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में बनी भिन्न-भिन्न मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो रही है. उन्होंने कहा कि तीन अप्रैल से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर हिंदुस्तान पहुंचने की आसार है.

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