आरबीआई गवर्नर ने ट्रंप को आड़े हाथ लेते हुए कहा- अमेरिका से कहीं आगे निकल चुका है भारत…
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आईना दिखाते हुए बोला है कि वे हिंदुस्तान पर टैरिफ लगाकर हमारे कारोबार में बाधा डालना चाहते हैं। उन्होंने बोला कि ट्रंप को शायद यह नहीं पता है आज हिंदुस्तान की हिस्सेदारी ग्लोबल ग्रोथ में उनसे कहीं ज्यादा पहुंच चुकी है। हिंदुस्तान दुनिया को देने के मुद्दे में अमेरिका से भी आगे निकल चुका है। उन्होंने बोला कि भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है और ग्लोबल ग्रोथ में अमेरिका से कहीं ज्यादा सहयोग कर रही है।

आरबीआई गवर्नर ने बोला कि भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान बिलकुल तथ्यों से परे है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बोला कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी ‘बहुत अच्छा’ प्रदर्शन कर रही है और वैश्विक वृद्धि में अमेरिका से कहीं अधिक सहयोग दे रही है। मल्होत्रा ने बोला कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था के साल 2025 में 6.5 प्रतिशत की रेट से बढ़ने की आशा है, जबकि वैश्विक वृद्धि रेट 3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
कितना है हिंदुस्तान और अमेरिका का योगदान
मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के बाद बोला कि हम आज वैश्विक वृद्धि में करीब 18 प्रतिशत का सहयोग दे रहे हैं, जो करीब 11 प्रतिशत सहयोग देने वाले अमेरिका से कहीं अधिक है। ट्रंप ने हिंदुस्तान के रूस से सस्ते ऑयल की खरीद जारी रखने पर पिछले सप्ताह नाखुशी जाहिर करते हुए हिंदुस्तान को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहा था। तब ट्रंप ने बोला था कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि हिंदुस्तान फिलहाल रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को साथ लेकर डूब सकते हैं। ट्रंप के इस बयान का तमाम विश्लेषकों ने भी विरोध किया है।
क्या टैरिफ से बढ़ेगी महंगाई
इस बयान से भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ने की आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर मल्होत्रा ने बोला कि ऐसी किसी भी स्थिति में हिंदुस्तान में महंगाई पर असर नहीं पड़ेगा। यदि हिंदुस्तान को अपनी ऑयल खरीद रूस के बजाय कहीं और से करने के लिए विवश किया गया तो भी उसका घरेलू महंगाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिए कि यदि आवश्यकता पड़ी तो गवर्नमेंट शुल्क में कटौती कर आम लोगों को राहत दे सकती है। आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने बोला कि भू-राजनीतिक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष असर घरेलू महंगाई पर नहीं होगा।
टैरिफ का निर्यात पर कितना असर
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने दावा किया है कि हिंदुस्तान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भी हिंदुस्तान की जीडीपी पर इसका नगण्य असर पड़ेगा। इससे अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात पर केवल 8.1 अरब $ का ही असर पड़ने का अनुमान है। पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष हेमंत जैन ने बोला कि टैरिफ से हिंदुस्तान के कुल ग्लोबल निर्यात पर केवल 1.87 प्रतिशत और जीडीपी पर 19 फसीदी का ही असर पड़ेगा। शुल्क से इंजीनियरिंग सामान, रत्न एवं आभूषण और तैयार वस्त्र उद्योग ही ज्यादा प्रभावित होंगे। घरेलू कारोबार को इससे बचाने के लिए गवर्नमेंट से कुछ तरीका करने की सिफारिश की गई है।

