शेख हसीना जी-20 शिखर सम्मेलन में अपनी बेटी साइमा वाजिद के साथ आ सकती है भारत
G20 Summit : बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी बेटी साइमा वाजिद के साथ हिंदुस्तान आ सकती हैं। पड़ोसी राष्ट्र के ऑफिसरों ने यह जानकारी दी है। वाजिद डब्ल्यूएचओ (डब्ल्यूएचओ) में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक का चुनाव लड़ रही हैं। वह क्षेत्र के 11 राष्ट्रों में से एक हिंदुस्तान से अपने लिए समर्थन जुटाने की आशा कर रही हैं। हसीना जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर दिल्ली में वर्चुअल रूप से आयोजित कार्यक्रमों में पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ त्रिपुरा और बांग्लादेश को जोड़ने वाले रेल संपर्क और रामपाल ऊर्जा संयंत्र की दूसरी इकाई का भी उद्घाटन करेंगी
कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगी
वह कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर करेंगी जिनमें से एक समझौते के अनुसार रुपये-टका कार्ड की सुविधा भी दी जाएगी जिससे दोनों राष्ट्रों के नागरिक एक-दूसरे के राष्ट्र की यात्रा करते समय $ के बजाय क्षेत्रीय मुद्रा में भुगतान कर सकें। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘जी-20 वार्ता के दौरान साइमा वाजिद भी दिल्ली में रहेंगी।’’ यह संभवत: पहली बार है कि निकट पड़ोसी और सहयोगी हिंदुस्तान की आधिकारिक यात्रा पर हसीना के साथ उनकी बेटी भी होंगी। विश्लेषकों का मानना है कि वाजिद की यह यात्रा कई मायनों में जरूरी है।
भारत से अपने लिए समर्थन जुटाने की उम्मीद
ऑटिज्म जानकार वाजिद डब्ल्यूएचओ (डब्ल्यूएचओ) में दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में चुनाव लड़ रही हैं और वह क्षेत्र के 11 राष्ट्रों में से एक हिंदुस्तान से अपने लिए समर्थन जुटाने की आशा कर रही हैं। ऑटिज्म एक ऐसी स्थिति है जिससे पीड़ित आदमी का दिमाग अन्य लोगों के दिमाग की तुलना में अलग ढंग से काम करता है।
वाजिद इस हफ्ते की आरंभ में बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ इंडोनेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन में भी गयी थीं। ऐसा बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के साथ गए उनके राष्ट्र के शीर्ष राजनयिकों ने आसियान राष्ट्रों से उनके चुनाव के लिए समर्थन मांगा। हिंदुस्तान को विश्व स्वास्थ्य संगठन में इस पद के लिए उनके तथा नेपाल के शम्भू प्रसाद आचार्य में से किसी एक का चयन करना होगा। बांग्लादेश और नेपाल दोनों के साथ अपने संबंधों को अहमियत देने के कारण हिंदुस्तान के लिए यह निर्णय कठिन हो सकता है।
मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और बांग्लादेश मामलों के जानकार आईपीएस (सेवानिवृत्त) अधिकारी शांतनु मुखर्जी ने कहा, ‘‘वैश्विक बैठक में भाग लेने के लिए शेख हसीना की बेटी की हिंदुस्तान यात्रा काफी दिलचस्प है। एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के लिए उनके नामांकन के अतिरिक्त यह देखना होगा कि क्या वह बांग्लादेश में एक बड़ी किरदार निभाएंगी?’’
शेख हसीना ने अभी तक आवामी लीग के नेतृत्व के लिए संभावित उत्तराधिकारी का संकेत नहीं दिया है लेकिन एक समय कई लोग उनके बेटे साजीब अहमद वाजिद या जॉय वाजिद को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखते थे। बहरहाल, वाजिद ने अभी तक राजनीति में आने का कोई संकेत नहीं दिया है। बांग्लादेश में आनें वाले महीनों में आम चुनाव होने वाले हैं जिसे सत्तारूढ़ आवामी लीग अभूतपूर्व चौथी बार जीतने की आशा कर रही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद बांग्लादेश की यात्रा करेंगे जबकि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शिखर सम्मेलन से पहले ढाका की यात्रा की।

