कोलकाता हाई कोर्ट में सुरक्षा याचिका के साथ श्रीलेखा मित्रा ने उठाया ये बड़ा मुद्दा
लोकप्रिय अदाकारा श्रीलेखा मित्रा ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की. उन्होंने यह याचिका ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण हो रही सामाजिक प्रताड़ना से सुरक्षा पाने के लिए दाखिल की है. अदाकारा ने यह आवाज राज्य संचालित आर।जी। कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की एक स्त्री चिकित्सक के साथ हुए दुष्कर्म और मर्डर जैसे कई मुद्दों पर उठाई थी.

हाई न्यायालय ने उन्हें याचिका दाखिल करने की अनुमति दी है. अब जब न्यायालय इसे स्वीकार कर लेगी, तो अगले सप्ताह इस पर सुनवाई होगी.
बता दें कि इस घटना की पहली बरसी 9 अगस्त के दिन श्रीलेखा मित्रा विरोध मार्च में शामिल हुईं. वहां उन्होंने गवर्नमेंट से प्रश्न किए कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़िता और उसके परिवार को इन्साफ क्यों नहीं मिला.
अपनी याचिका में श्रीलेखा ने कहा है कि तब से उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिल रही हैं और लोग उनका सामाजिक बहिष्कार करने की प्रयास कर रहे हैं. उनके कोलकाता के बेहाला स्थित घर के बाहर उनके विरुद्ध नारे लिखे पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं.
उन्होंने बोला कि इस मुद्दे में उन्होंने पहले ही क्षेत्रीय हरिदेवपुर थाने में ईमेल के जरिए कम्पलेन दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसलिए उन्होंने सुरक्षा के लिए कोलकाता उच्च न्यायालय का रुख किया है.
गौरतलब है कि आर।जी। कर मेडिकल कॉलेज की स्त्री चिकित्सक की बलात्कार और मर्डर के बाद इस मुद्दे में प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टरों को भी कई तरह की कठिनाई झेलनी पड़ी है. कई डॉक्टरों को बिना वजह दूर-दराज के इलाकों में स्थानांतरित कर दिया गया.
कुछ डॉक्टरों के विरुद्ध संदिग्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रारम्भ की गई है. इस कारण आंदोलन के मुख्य चेहरों पर दबाव बढ़ा है. इस पूरे मुद्दे ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं. इल्जाम है कि आवाज उठाने वालों को न सिर्फ़ सामाजिक रूप से बल्कि प्रशासन की ओर से भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं.
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