लेटेस्ट न्यूज़

सिक्किम में नवनिर्वाचित विधायक कृष्णा कुमारी राय ने दिया अपना इस्तीफा

सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पार्टी से नामची-सिंघीथांग विधानसभा सीट की नवनिर्वाचित विधायक कृष्णा कुमारी राय ने अपना त्याग-पत्र दे दिया है. जानकारी के अनुसार उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपना त्याग-पत्र सौंपा है. बता दें कि उन्होंने विधायक पद की शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद अपने पद से त्याग-पत्र दिया है. एसकेएम विधायक कृष्णा कुमारी राय सिक्किम के सीएम प्रेम सिंह तमांग की पत्नी हैं.Download 11zon 2024 06 13t212259. 030

WhatsApp Group Join Now

एसडीएफ प्रतिद्वंदी को पांच हजार वोटों से हराया था

नामची-सिंघीथांग विधानसभा चुनाव कृष्णा कुमारी राय ने एसडीएफ उम्मीदवार बिमल राय को पांच हजार से अधिक वोटों से हराया था. कृष्णा कुमारी राय को 7,907 वोट मिले थे और उनके प्रतिद्वंदी एसडीएफ उम्मीदवार बिमल राय को मात्र 2,605 वोट मिले थे. इस तरह से उन्होंने 5,302 वोटों के अंतर से जीत हासिल की.

पार्टी के कल्याण के लिए खाली की सीट

 

वहीं अपनी पत्नी और पार्टी उम्मीदवार कृष्णा कुमारी राय के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम प्रेम सिंह तमांग ने बोला कि मेरी पत्नी और विधायक कृष्णा कुमारी राय ने पार्टी के कल्याण और उद्देश्यों को अहमियत देते हुए, पार्टी के सर्वसम्मत फैसला के अनुरूप अपनी सीट खाली की है. एसकेएम पार्टी की संसदीय समिति के निवेदन पर, कृष्णा कुमारी राय ने विधानसभा चुनाव लड़ा. हमारी पार्टी की ओर से, अध्यक्ष के रूप में, मैं उनके सरेंडर और अटूट समर्थन के लिए उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं.

क्षेत्रवासियों को मुख्यमंत्री तमांग ने दिया आश्वासन 

इस दौरान सीएम तमांग ने नामची-सिंगीथांग निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों से बोला है कि मैं आपको आश्वासन देता हूं कि आपको एक समर्पित और सच्चा विधायक मिलता रहेगा जो आपके हितों की सेवा करेगा. वहीं सिक्किम विधानसभा चुनाव की बात करें तो एसकेएम ने राज्य में बहुत बढ़िया प्रदर्शन करते हुए 32 विधानसभा सीटों में से 31 सीटों पर जीत हासिल की है. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की आंधी में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के कई बड़े चेहरों को हार का सामना करना पड़ा है. इसमें, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग अपनी दोनों विधानसभा सीटों पर हारे, वहीं भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया को भी हार का सामना करना पड़ा है.



<!– –>

<!– cl –>


<!–

–>

Back to top button