आज केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का किया आयोजन
Rajasthan News: सूर्य सप्तमी के अवसर पर आज केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी में सूर्य नमस्ते कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्कृत यूनिवर्सिटी के सैकड़ो विद्यार्थियों सहित उनके अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लिया। विद्यार्थियों ने लगातार 108 बार योग किया, कार्यक्रम में गवर्नर हरिभाऊ बागडे ने बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की। गवर्नर ने लगातार 108 बार सूर्य नमस्ते करने वाले साधकों को उत्साहवर्धन भी किया।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बोला कि क्रीड़ा भारती और संस्कृति यूनिवर्सिटी ने जो आयोजन किया है वह बहुत उत्सवर्धन करने वाला है। हमारे विद्यार्थियों ने 30 मिनट में 108 बार सूर्य नमस्ते किया। उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद गवर्नर हरिभाऊ बागड़े ने बोला कि सूर्य सप्तमी के इस अवसर पर आप लोगों ने जो सूर्य नमस्ते किया वह बहुत बेहतरीन है।जिन लोगों ने 108 बार नहीं किया लेकर उसके लिए जो कोशिश किया वह भी अच्छी बात है। कि इस अवसर पर आप लोगों ने कोशिश किया। इसे लगातार करेंगे तो आप बहुत अच्छे से सूर्य नमस्ते कर पाएंगे। सूर्य नमस्ते भारतीय संस्कृति से जुड़ी एक महान परंपरा है गवर्नर ने बोला कि यदि हमें लंबी उम्र प्राप्त करनी है तो व्यायाम अच्छे से करना चाहिए
विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र की हैड डॉ रानी दाधीच ने कहा कि यूनिवर्सिटी में क्रीड़ा भारती के तत्वाधान में 108 बार सूर्य नमस्ते करने का आयोजन रखा है। इस आयोजन में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर और उत्साह के साथ भाग लिया है। रानी दाधीच ने कहा कि यूनिवर्सिटी में सिर्फ़ विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान नहीं दे रहे है बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए सूर्य नमस्ते जैसे आयोजन भी लगातार करता रहते है। संस्कृत संस्कृति की देन है,, और हम संस्कृत भाषा के साथ-साथ बच्चों को संस्कृति से जोड़कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
क्रीड़ा भारती के प्रदेश संयोजक मेघराज सिंह ने कहा कि आज सूर्य सप्तमी के अवसर पर राष्ट्र भर में कीड़ा भारती के तत्वाधान में सूर्य नमस्ते का आयोजन किया जा रहा है। इस सिलसिले में राजधानी जयपुर में यह आयोजन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने भी डेढ़ करोड़ लोगों को एक साथ सूर्य नमस्ते करने का आयोजन किया था,, आज 108 बार एक साथ सूर्य नमस्ते करने का यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें लगभग 22 मिनट में सभी साधकों ने बेहतरीन ढंग से सूर्य नमस्ते किया,, और इसी सिलसिले को हम लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे। क्योंकि सूर्य नमस्ते से भगवान सूर्य की तो पूजा होती ही है उनकी आराधना के साथ सर्वांगीण रूप से शरीर का विकास भी होता है।

