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दानिश अली पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा रमेश बिधूड़ी को लेकर घिरी पूरी बीजेपी

लोकसभा में बीएसपी सांसद दानिश अली पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी को लेकर पूरी भाजपा घिर गई है. बीएसपी ही नहीं सभी विपक्षी दलों ने बीजेपी पर धावा बोल दिया है. बीएसपी की धूर विरोधी सपा ने भी इसे लेकर निशाना साधा है. रमेश विधूड़ी की टिप्पणी के दौरान हंसते दिखाई दे रहे बीजेपी सांसद हर्षवर्धन सिंह और रविशंकर प्रसाद को भी अखिलेश यादव ने घेरा है. अखिलेश ने यहां तक बोला कि बीजेपी सांसदों का हंसना निर्लज्जता का निर्लज्ज प्रदर्शन है. हालांकि चौतरफा घिर रही बीजेपी ने अपने सांसद रमेश बिधूड़ी को नोटिस जारी कर उत्तर मांगा लिया है. लोकसभा स्पीकर की तरफ से भी बिधूड़ी को चेतावनी दी गई है.Newsexpress24. Com download 11zon 2023 09 22t202450. 272

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि आदमी की पहचान चेहरा नहीं; ज़ुबान होती है. सत्ता के नशे में बेसुध बीजेपी के एक सांसद द्वारा विपक्ष के एक अल्पसंख्यक सांसद को अति अमर्यादित ढंग से संबोधित करना किसी आपराधिक घटना से कम नहीं है. ये बीजेपी की नकारात्मक राजनीति का निकृष्टतम रूप है.

अखिलेश ने हर्षवर्धन और रविशंकर प्रसाद का बिना नाम लिए लिखा कि इसमें अन्य भाजपाई सांसदों का हंसते हुए सम्मिलित होना दिखाता है कि ये किसी एक भाजपाई की गलती नहीं है बल्कि ये बीजेपी के अधिकतर सदस्यों की निर्लज्जता का निर्लज्ज प्रदर्शन है.

अखिलेश ने बोला कि ऐसे सासंदो पर, किसी भी प्रकार की संसदीय विशेषाधिकारों की छूट से परे, किसी एक सांसद नहीं बल्कि पूरे संसद और संविधान की मानहानि करने का मुक़दमा होना चाहिए और ताउम्र की पाबंदी भी लगनी चाहिए.

हर्षवर्धन सिंह और रविशंकर सिंह की सफाई आई

अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के हमले के बाद हर्षवर्धन सिंह और रविशंकर प्रसाद की सफाई भी आई है. रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर लिखा कि संसद के अंदर और संसद के बाहर हमने हमेशा मर्यादित आचरण का समर्थन किया है और मैं स्वयं भी इसका पालन करता हूं. मैं ऐसी किसी भी टिप्पणी का समर्थन नहीं करता हूं जो अमर्यादित है. हर्षवर्धन ने बोला कि मैंने ट्विटर पर अपना नाम ट्रेंड होते देखा है, जहां लोगों ने मुझे इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में बेवजह घसीटा है, जहां दो सांसद सदन में एक-दूसरे के विरुद्ध असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे. हमारे वरिष्ठ और सम्मानित नेता राजनाथ सिंह पहले ही दोनों पक्षों द्वारा इस तरह की अनुचित भाषा के इस्तेमाल की आलोचना कर चुके हैं.

हर्षवर्धन ने बोला कि मैं अपने मुसलमान दोस्तों से पूछता हूं जो आज सोशल मीडिया पर मेरे विरुद्ध लिख रहे हैं, क्या वे वास्तव में मानते हैं कि मैं कभी भी ऐसी अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल में भागीदार बन सकता हूँ जो किसी एक समुदाय की संवेदनाओं को ठेस पहुंचाती हो? यह नकारात्मकता से भरी एक द्वेषपूर्ण, बेबुनियादी, पूर्णतः असत्य और मनगढ़ंत कहानी है और सोशल मीडिया पर कुछ निहित सियासी तत्वों द्वारा मेरी छवि को खराब करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. पिछले तीस सालों के सार्वजनिक जीवन में, मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लाखों मुसलमान भाइयों और बहनों के साथ, अथवा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के सहयोगियों के साथ, मिलकर काम किया है.

कहा कि चांदनी चौक की ऐतिहासिक गलियों में फाटक तेलियान, तुर्कमान गेट में पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा. अपने मुसलमान दोस्तों के साथ खेलते हुए बड़ा हुआ हूँ. मैं दृढ़ विश्वास के साथ कह सकता हूं कि सभी मुसलमान भाई-बहन जो कभी भी मेरे संपर्क में रहे, वे मेरी भावनाओं, व्यवहार और मेरे आचरण की पुष्टि करने में तनिक भी नहीं हिचकेंगे. मैं चांदनी चौक के प्रतिष्ठित निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में जीतकर बहुत खुश हूँ और यदि सभी समुदायों के लोगों ने मेरा समर्थन नहीं किया होता तो ऐसा कभी संभव नहीं हो पाता.

हर्षवर्धन ने बोला कि इस घटना से मैं अत्यधिक आहत हुआ हूं कि निहित सियासी स्वार्थ के लिए कुछ लोगों ने बेवजह मेरा नाम इस प्रकरण में घसीटा है. हालांकि मैं वहाँ एक-दूसरे पर फेंके जा रहे शब्दों की नोक-झोंक का प्रत्यक्षदर्शी अवश्य था (जो वास्तव में पूरा सदन ही था), सच बात तो यह है कि उस शोर-शराबे में मैं साफ रूप से कुछ भी समझ नहीं पा रहा था.

कहा कि मैं जीवन में हमेशा अपने सिद्धांतों पर कायम रहा हूं. अपने राष्ट्र और  देशवासियों के भलाई को हर चीज से ऊपर रखते हुए, उसके लिए अपना श्रेष्ठतम देने के लिए कभी पीछे नहीं रहा हूं और यह मेरा संकल्प है कि अपने जीवन के आखिरी सांस तक इस भावना को अक्षुण रखूंगा.

मायावती के भतीजे आनंद ने रमेश की बर्खास्तगी मांगी

वहीं, रमेश बिधूड़ी का मुद्दा सुर्खियों में आने के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उनकी तरफ से खेद जताया है लेकिन मायावती ने इम माफी को नाकाफी बता दिया है. मायावती ने बीजेपी से रमेश बिधूड़ी पर कड़ा एक्शन लेने की मांग कर दी है. यहां तक कह दिया कि अभी तक कोई एक्शन नहीं लेना दुखद और दुर्भाग्यपूण है.

मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने तो इस मुद्दे पर सीधे लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को निशाने पर लिया है. आकाश आनंद ने ट्वीट करते हुए पूछा कि माननीय ओमप्रकाश बिड़ला जी आखिर ये कैसा दोहरा चरित्र है आपका? संसद में विपक्षी सांसद जनता के भलाई के मुद्दों पर प्रश्न पूछते हैं और आप उनको पूरे सत्र के लिए निलंबित कर देते हैं. आज जब एक सांसद दो पैसे की गुंडे वाली भाषा पूरे मुसलमान समाज के लिए करता है तो आप उसे केवल चेतावनी दे रहे हैं. केवल इसलिए कि वो सत्ताधारी पार्टी का सांसद है.

आकाश आनंद ने बोला कि अरे स्पीकर महोदय कुछ तो लज्जा करिए ये भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन है और इतिहास के पन्नों में आपकी ये हल्की चेतावनी भी वैसे ही लिखी जाएगी जैसे इस गुंडे की भाषा को लिखा जाएगा. चेतावनी नहीं बर्खास्तगी… इससे कम कुछ भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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