एक साथ ये बड़ी प्लानिंग कर रहे हैं Modi-Jinping, आखिर अब क्यों परेशान है कनाडा…
डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका में आने के साथ ही कनाडा में जबरदस्त हड़कंप मच चुकी है. हालात ऐसे हो चुके हैं कि जस्टिन ट्रूडो ने अपने पद से त्याग-पत्र दे दिया और नए पीएम की घोषणा हो गई. इधर नए पीएम ने चुनावों का घोषणा कर दिया. अब चुनावों का जिक्र हो और हर बार की तरह कनाडा इस बार भी अपने पुराने राग को न अलापे ऐसा कैसे हो सकता था. कनाडा ने इस बार भी इल्जाम लगाने प्रारम्भ कर दिए. एक बार फिर कनाडा के आरोपों वाली लिस्ट में टॉपर पर चीन और हिंदुस्तान का नाम है. कनाडा का मानना है कि उसके राष्ट्र में होने वाले चुनावों को प्रभावित करने के लिए चीन और हिंदुस्तान बड़ी किरदार निभा सकते हैं. बता दें कि 24 अप्रैल को कनाडा में आम चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले ही कनाडा ने हिंदुस्तान का नाम लेकर रोना प्रारम्भ कर दिया.

आम चुनाव में भारत कर सकता है हस्तक्षेप
कनाडा की खुफिया एजेंसी की उप निदेशक वनेसा लॉयड ने दावा किया है कि कनाडा के आम चुनाव में हिंदुस्तान हस्तक्षेप कर सकता है. वनेसा ने बोला कि हिंदुस्तान के पास कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की मंशा और क्षमता दोनों है. इसके साथ ही उन्होंने बोला कि पाक भी कनाडा के विरुद्ध अपनी रणनीतिक नीतियों के मुताबिक दखल दे सकता है. लॉयड ने चुनावी सुरक्षा पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बोला कि हिंदुस्तान कनाडा में अपने असर को स्थापित करने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है. लॉयड ने एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बोला कि कुछ राष्ट्रों ने 2022 के कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीएवरे के चुनाव में धन जुटाने और समर्थन हासिल करने में किरदार निभाई थी.
चीन एआई की सहायता से अपने पक्ष में नैरेटिव बना रहा
वनेसा ने यह भी बोला कि चीन एआई की सहायता से अपने पक्ष में नैरेटिव बना रहा है. इसके अतिरिक्त वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपने अनुकूल नैरेटिव बना सकता है. रूस अपने प्रचार तंत्र और बॉट आर्मी के जरिए कनाडाई मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति बना रहा है. रूस पर बीते चुनाव में भी हस्तक्षेप करने का इल्जाम लगा था.

