अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े लोगों के खिलाफ की जाएगी ये कानूनी कार्यवाही
झारखंड में पकड़ाए अलकायदा मॉड्यूल के संदिग्धों पर जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है. झारखंड से कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जिसमें से 8 के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल गया है. वहीं तीन लोगों के विरुद्ध अभी जांच जारी है.

रेडियोलॉजिस्ट डॉ इश्तियाक ही मास्टरमाइंड
बीते वर्ष 22 अगस्त को रांची के मेडिका हॉस्पिटल में कार्यरत तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ इश्तियाक अहमद को अरेस्ट किया गया था. इससे की गई पूछताछ में कई ऐसी बातें सामने आई थी, जो यह साबित करने के लिए काफी थी कि राज्य में अलकायदा मॉड्यूल को संचालित करने का मास्टरमाइंड यही था.
जांच के दौरान ही इस बात का खुलासा हुआ था कि इसने राज्य के रांची, लोहरदगा और हजारीबाग से लोगों को अपने साथ मिलाया था. इनका ब्रेन वॉश कर के इन्हें कई तरह की ट्रेनिंग के लिए राष्ट्र के भिन्न-भिन्न हिस्से में भेजता था. राजस्थान के भिवाड़ी ने सात लोगों को अरैस्ट किया गया था. गिरफ्तारी के समय उनके पास से एके-47 राइफल, रिवॉल्वर, कारतूस, एयर राइफल, हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार मिले थे.
आतंकी संगठनों का झारखंड कनेक्शन जानिए
झारखंड से आतंकवादी संगठनों का कनेक्शन 20 वर्ष पुराना है. आतंकवादी संगठन का पहला कनेक्शन 28 जनवरी 2002 को सामने आया था. यहां उन आतंकवादियों को मार गिराया था जिनके हाथ 22 जनवरी 2002 को कोलकाता में अमेरिकन सूचना केंद्र पर हुए हमले में था. इन दो आतंकवादियों को हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र के खिरगांव मुहल्ले में 28 जनवरी 2002 को मारा गया था. मारे गए आतंकवादियों के नाम इदरीश और सलीम था.
इसके अतिरिक्त बीते दो दशक में राज्य में हुई आतंकवादियों की गिरफ्तारी के लोकेशन बताते हैं कि रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग और लोहरदगा ऐसे क्षेत्र हैं, जिसे आतंकवादी संगठनों ने सेंटर बनाया था. बीते दो वर्ष में अलकायदा इन भारतीय सबकान्टिनेंट मॉड्यूल के जितने भी आतंकवादी अरेस्ट किए गए हैं, उनकी गिरफ्तारी इन्हीं जिलों से की गई है.
कैसे बना आतंकवादी संगठन AQIS
अल-कायदा इन भारतीय सब-कॉन्टिनेंट( AQIS) की आरंभ 2014 में पूर्व अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी ने की थी. पाक मूल का असीम उमर इसका शुरुआती सदस्य था. तब अल-जवाहिरी की तरफ से एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने हिंदुस्तान के विरुद्ध जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों की बात कही थी.
अब इसकी अगुआई ओसामा महमूद कर रहा है, जो पाक मूल का कहा जाता है. US-अफगान मिलिट्री ऑपरेशन में उमर मारा गया था. इसके बाद 2019 में महमूद ने इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सब-कॉन्टिनेंट में अल-कायदा के एक संगठन AQIS (अल-कायदा इन भारतीय सब-कॉन्टिनेंट) के 200 लड़ाके उपस्थित हैं.
इनका लीडर आतंकवादी ओसामा महमूद है. वहीं अफगानिस्तान में इस संगठन के 400 लड़ाके हैं. UN के एक मेंबर स्टेट ने दावा किया है कि AQIS क्षेत्र में ISIS के खोरासान प्रोविंस (ISIL-K) से जुड़ने के लिए तैयार है.

