शिक्षा, नियोजन के लिए आवेदन करनेवाले परेशान
- धनबाद अंचल कार्यालय में पिछले एक माह से आय, आवासीय, जाति, इडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने का कार्य बंद है। इसके चलते उच्च शिक्षा, नियोजन के आवेदन देने के लिए इच्छुक छात्र, युवा परेशान हैं। इतना ही नहीं, यहां पर जमीन का म्यूटेशन कार्य भी बीस दिनों से बंद है। दरअसल, सभी तरह के प्रमाणपत्र औनलाइन होने के कारण अब हल्का कर्मचारी से लेकर वरीय अधिकारी तक का डिजिटल लॉगिन बनता है। डिजिटल लॉगिन मुंबई से जनरेट होता है। इसे एनआइसी से सत्यापित किया जाता है। यह लॉगिन कुछ दिनों के लिए ही वैध होता है। लॉगिन के जरिये ही कोई भी हल्का कर्मचारी, सीआइ, सीओ किसी तरह की कार्यवाही कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, धनबाद के सीआइ का डिजिटल लॉगिन 10 अक्टूबर से बंद है। इस वजह से अंचल कार्यालय में पिछले एक माह से प्रमाणपत्र बनाने का कार्य बंद है। सीआइ से फॉरवर्ड होने के बाद ही सीओ के लॉगिन में कोई भी आवेदन जाता है। तकनीकी कारणों से फॉरवर्ड का काम बंद है। सूत्रों के अनुसार, चार नवंबर तक धनबाद अंचल कार्यालय में जाति, आय, आवासीय, इडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के 750 आवेदन लंबित थे। प्रमाणपत्र निर्गत करने का कार्य बंद है। आवेदकों को बहुत कठिनाई हो रही है।

जमीन का नहीं हो रहा म्यूटेशन
धनबाद अंचल कार्यालय में जमीन के म्यूटेशन का काम भी एक माह से भी अधिक समय से लगभग ठप है। बहुत कम ही म्यूटेशन हो पाया है। चार नवंबर तक धनबाद सीओ के लॉगिन में म्यूटेशन के 2100 आवेदन लंबित हैं। सीआइ के लॉगिन में भी म्यूटेशन के दो सौ से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं। जमीन का म्यूटेशन नहीं होने के कारण भू-स्वामी काफी परेशान हैं। नये मकान, व्यावसायिक भवन बनाने के लिए नक्शा के लिए भी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। लोन भी नहीं मिल पा रहा है।
राइट टू सर्विस एक्ट का नहीं हो रहा पालन
राज्य में लागू सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुसार प्रमाणपत्रों तथा म्यूटेशन का आवेदन 30 दिनों के अंदर निष्पादित करना है। सूत्रों ने कहा कि अधिकतर आवेदन 27 वें या 28 वें दिन रिजेक्ट कर दिया जाता है। अधिकतर में लिख दिया जाता है ऋटिपूर्ण आवेदन।
धनबाद में खाली है सीओ का पद
नवरात्र के दौरान ही धनबाद के सीओ प्रशांत लायक का स्थानांतरण देवघर हो गया। दुर्गा पूजा अवकाश के बाद ऑफिस खुलते ही श्री लायक धनबाद से देवघर चले गये। यहां धनबाद के सीओ के रूप में किसी की पोस्टिंग नहीं हुई। नियमित सीओ नहीं रहने के कारण अंतत: धनबाद के बीडीओ को यहां के सीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
धनबाद सीओ का रुका का था वेतन
अक्टूबर माह में उपायुक्त ने म्यूटेशन के आवेदन को लंबित रखने के मुद्दे में धनबाद के तत्कालीन सीओ प्रशांत लायक का वेतन रोकने का आदेश दिया था। हर हफ्ते इसकी समीक्षा भी होती है। इसके बावजूद इस तरह के आवेदनों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है।

