भेड़ियों के लिए मशहूर जंगल में अब बाघों का वर्चस्व
नौरादेही टाइगर रिजर्व में अब बाघों का दीदार करना बड़ा सरल होता जा रहा है। अभी तक पर्यटकों को एक बाघ या जोड़ा दिखता था, लेकिन पहली बार बाघिन और नन्हे शावक एक साथ अठखेलियां करते हुए नज़र आए। समर सीजन में घूमने गए पर्यटकों ने अपने मोबाइल कैमरे में इन रोमांचकारी लम्हे को कैद किया है।

नौरादेही रेंज की बामनेर नदी में दिखाई दे रही यह बाघिन राधा की बेटी N-112 है। इसने करीब 6 महीने पहले शावकों को जन्म दिया था, जो अब बच्चों के साथ जंगल में घूमती नजर आने लगी है। नौरादेही से सामने आए इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि गर्मी के मौसम में मादा बाघिन पानी से भरे कुंड के किनारे बैठी है। वहीं उसके शावक पानी में उछल-कूद कर रहे हैं।
सभी रेंज में दिखाई देने लगे टाइगर
यह क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह, नरसिंहपुर जिले की सीमाओं में फैला है। वीरांगना दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर डाक्टर एए अंसारी ने कहा कि चौथे फेज की गणना के लिए टाइगर रिजर्व के अंदर 800 कैमरे लगाए गए थे। मार्च के महीने में गणना पूरी होने के बाद पता चला कि टाइगर रिजर्व के अंदर जो 19 टाइगर हैं, उनके सभी 6 रेंज में उपस्थिति पाई गई है। यह अच्छी बात है, क्योंकि पहले यह सिर्फ़ नौरादेही रेंज के आसपास ही पाए जाते थे। अब पर्यटकों को भी भिन्न-भिन्न साइट पर उनके दीदार होने लगे हैं। कुछ पर्यटकों द्वारा बामनेर नदी के किनारे बाघिन के अठखेलियां करने का वीडियो बनाया गया है।
भेड़ियों के लिए प्रसिद्ध था ये जंगल
बता दें कि नौरादेही अभ्यारण का वर्ष 1975 में गठन किया गया था जो भेड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, वर्ष 2023 सितंबर में इसे टाइगर रिजर्व का तमगा भी मिल चुका है। अब इसके बाद सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। पर्यटकों को घूमने के लिए यह प्रदेश का सबसे सस्ता टाइगर रिजर्व है।

