टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने किया ये दावा…
West Bengal News : तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को निर्वाचन आयोग (EC) के ऑफिसरों के एक वर्ग पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के लिए पार्टी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने का इल्जाम लगाया. तृण मूल काँग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के ऑफिसरों का एक वर्ग, विशेष रूप से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में उचित भौतिक सत्यापन के बिना ही नामों को मतदाता सूची में शामिल कर रहा है.

उन्होंने बोला कि घुसपैठ को रोकना बीएसएफ (बीएसएफ) की जिम्मेदारी है और मतदाता सूची में अनधिकृत बाहरी लोगों को जोड़ने की किसी भी सूचना के मुद्दे में भी केंद्र द्वारा निपटा जाना चाहिए, क्योंकि यह सीमा सुरक्षा बल को नियंत्रित करता है और निर्वाचन आयोग को भी ‘रिमोट कंट्रोल’ से नियंत्रित करता है, जिसने साफ रूप से सत्यापन प्रक्रिया में ढील दी है.
दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर विधानसभा के भीतर चंपाहाटी क्षेत्र में मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि के बारे में खबरों का जिक्र करते हुए घोष ने कहा, यदि ऐसी स्थिति है तो इसका श्रेय क्षेत्रीय प्रशासन और पुलिस को जाता है, जिन्होंने अनधिकृत मतदाताओं पर नजर रखी, न कि निर्वाचन आयोग को, जिसने उचित भौतिक सत्यापन के बिना नामों को शामिल करने की अनुमति दी.
उन्होंने कहा, राज्य और सत्तारूढ़ पार्टी पर उंगली उठाने के बजाय, बीजेपी और इस मामले पर शोर मचाने वालों को घुसपैठ रोकने का मामला केंद्र के समक्ष उठाना चाहिए.
भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया, फर्जी मतदाताओं को शामिल करने की तृण मूल काँग्रेस की षड्यंत्र का भंडाफोड़ हो गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता चुनाव जीतने के लिए फर्जी आधार और मतदाता आईडी प्रूफ मौजूद कराने में शामिल रहे हैं. भट्टाचार्य ने कहा, सावधान निर्वाचन आयोग और केंद्रीय गृह मंत्रालय तृण मूल काँग्रेस को फिर से पुराना खेल खेलने की अनुमति नहीं देगा.

