वैभव गहलोत को कहा गया कल ईडी कार्यालय के सामने पेश होने को…
विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन से संबंधित एक मुद्दे में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर बीजेपी के नेतृत्व वाले केंद्र की निंदा करते हुए, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत ने बोला कि उनके विरुद्ध 12-13 वर्ष पहले भी इसी तरह के इल्जाम लगाए गए थे और राजस्थान के लोग प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के पीछे का कारण समझेंगे, जब चुनावी राज्य में आदर्श आचार संहिता पहले ही लागू हो चुकी है। उन्होंने बोला कि मुझे एक सम्मन मिला है। 12-13 वर्ष पहले भी ऐसे ही इल्जाम लगे थे और हमने उनका उत्तर दिया था। अब फिर प्रवर्तन निदेशालय आ गई है। राजस्थान के लोग समझते हैं कि जब राज्य में आदर्श आचार संहिता लगी हुई है तो ऐसा क्यों हो रहा है। 
रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के समन केंद्रीय एजेंसी द्वारा राजस्थान स्थित आतिथ्य समूह ट्राइटन होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, वर्धा एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशकों और प्रमोटरों शिव शंकर शर्मा, रतन कांत शर्मा और अन्य के विरुद्ध हाल ही में की गई छापेमारी से संबंधित हैं। वैभव गहलोत को शुक्रवार को जयपुर या नयी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के सामने पेश होने के लिए बोला गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले अगस्त में प्रवर्तन निदेशालय ने जयपुर, उदयपुर, मुंबई और दिल्ली में तीन दिनों तक हॉस्पिटैलिटी ग्रुप और उसके प्रमोटरों के परिसरों पर छापेमारी की थी। इन तलाशी के बाद 1.2 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की गई।
गोविंद सिंह डोटासरा की संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे और वैभव गहलोत को प्रवर्तन निदेशालय के समन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बोला कि आज स्थिति चिंताजनक है। प्रश्न किसी का नहीं है, प्रश्न मेरे बेटे का नहीं है। उन्होंने पूरे राष्ट्र में आतंक फैला रखा है। उन्होंने बोला कि मैंने सुना है कि प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी एक वर्ष से अपने परिवारों को छत्तीसगढ़ स्थानांतरित कर चुके हैं और वहां किराए पर रह रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रत्येक दिन छापेमारी करनी पड़ती थी। उन्होंने बोला कि गुंडागर्दी है ये…ऊपर से दबाव के बिना न तो प्रवर्तन निदेशालय आ सकती है और न ही सीबीआई।

