राजस्थान में 25 नवंबर को होगा मतदान
वसुंधरा राजे सिंधिया और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच जारी अनबन को लेकर नया अपडेट सामने आया है। आशा जताई जा रही है कि दोनों ने समझौतों की राह पर आगे बढ़ना प्रारम्भ कर दिया है। असम के गवर्नर गुलाब चंद्र कटारिया से दो दिन पूर्व हुई वसुंधरा की मुलाकात के बाद ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्होंने कटारिया के माध्यम से अपनी चिंताओं को केंद्र तक पहुंचा दिया है। केंद्र ने भी उनकी चिंताओं का मुनासिब निवारण करने का आश्वासन दिया है। 
इसे देखते हुए बोला जा सकता है कि बीजेपी की एक बड़ी कठिनाई टलती दिखाई पड़ रही है। हालांकि, बोला यह भी जा रहा है कि इसके बावजूद वसुंधरा के कुछ करीबियों को टिकट के लिए प्रतीक्षा करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कि बीजेपी अभी भी कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान होगा।
यहां भी नहीं पहुंची वसुंधरा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बुधवार को राजस्थान के कोटा पहुंचे। यहां उनका स्वागत करने के लिए पार्टी के राजस्थान के सभी शीर्ष नेता मौजूद थे। लेकिन इस टीम में वसुंधरा राजे सिंधिया का चेहरा शामिल नहीं था, लेकिन झालावाड़ से सांसद उनके बेटे दुष्यंत सिंह नड्डा का स्वागत करने वालों में शामिल थे। जब से बीजेपी ने यात्राओं के जरिए राजस्थान में अपनी हवा बनाने की मुहिम प्रारम्भ की है, तब से यह क्रम लगातार बना हुआ है। यहां भी वही क्रम देखा गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष ने यहां पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की।
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