पंचामृत से क्यों किया जाता है अभिषेक…
सावन का पवित्र महीना प्रारम्भ हो चुका है और आज श्रावण महीने का तीसरा सोमवार है। यह महीना ईश्वर शिव के लिए बहुत महत्व रखता है. इस पवित्र काल में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना में शामिल होने से विशेष फायदा की प्राप्ति होती है. जिस तरह सावन में ईश्वर शिव को धतूरा, शमी के पत्ते और बेलपत्र चढ़ाने से कई गुना फायदा मिलता है, उसी तरह इस महीने में शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाना भी बहुत शुभ माना जाता है.

पंचामृत से क्यों किया जाता है अभिषेक
सावन का पवित्र महीना ईश्वर भोलेनाथ के लिए विशेष महत्व रखता है. पूरे सावन माह में सोमवार को शिवलिंग पर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाता है. हालाँकि, पंचामृत अर्पित करने का कार्य विशेष महत्व रखता है.
इच्छाएं पूरी होती हैं
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में सोमवार के दिन यदि ईश्वर भोलेनाथ का पंचामृत से अभिषेक किया जाए तो भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
अनुकूल तत्त्व पाँच हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि मनुष्य अपने पंचतत्वों को अपने अनुकूल बनाना चाहते हैं तो सावन सोमवार के दिन शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना बहुत फायदेमंद माना जाता है.
रोग मुक्त शरीर
मान्यता के मुताबिक यदि शरीर में 5 तत्वों में से कोई भी तत्व कमजोर हो तो बीमारियां शरीर को घेरने लगती हैं. यही कारण है कि जब शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है तो शरीर के पांचों तत्व संतुलित रहते हैं.
प्राकृतिक संस्थाओं का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ईश्वर शिव को प्राकृतिक वस्तुएं अर्पित करने से पंचतत्वों और वातावरण का संतुलन बना रहता है. साथ ही, व्यक्तियों को जीवन जीने के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.
इस विधि से बनाएं पंचामृत
शिव जी का अभिषेक करने के लिए पंचामृत बनाना बहुत ही सरल काम है. ऐसा करने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में 2 बड़े चम्मच दही, 1 बड़ा चम्मच घी, 1 बड़ा चम्मच कच्चा गाय का दूध, मिश्री और 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाएं. इस पंचामृत को बनाते समय शुद्धता का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है.
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