मंगल और गुरु ग्रह के बीच संयोजन से इन राशियों को होगा लाभ
Kendra Drishti Yog: मंगल और गुरु देव, दोनों ही एक-दूसरे से भिन्न ग्रह हैं. मंगल को जहां साहस, ऊर्जा, भाई से रिश्ता, पराक्रम, खून, बिजली और भूमि का कारक माना जाता है, वहीं गुरु ज्ञान, भाग्य, शिक्षा, शादी, संतान, धर्म, पुण्य, ऐश्वर्य और धन का अगुवाई करते हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, ग्रहों के सेनापति मंगल इस समय कन्या राशि में संचार कर रहे हैं, जबकि गुरु देव मिथुन राशि में उपस्थित हैं. इसके अतिरिक्त 5 सितंबर 2025 की सुबह 8 बजकर 24 मिनट से मंगल और गुरु एक-दूसरे से 90°की कोणीय स्थिति में स्थित हैं, जिसे केंद्र दृष्टि योग, केंद्र योग और केंद्र पहलू बोला जाता है.

दो ताकतवर और उल्टा स्वभाव वाले मंगल और गुरु ग्रह के बीच के इस संयोजन से कई राशियों को फायदा होने के योग हैं. चलिए जानते हैं किन तीन राशियों के जीवन में मंगल-गुरु के ‘केंद्र दृष्टि योग’ से स्थिरता आएगी.
मेष राशि
5 सितंबर 2025 को बनने वाले मंगल-गुरु के ‘केंद्र दृष्टि योग’ से मेष राशिवालों को फायदा होगा. व्यवसायिक कामयाबी मिलने से व्यवसायियों का मन खुश रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को करियर में आगे बढ़ने के अच्छे अवसर सितंबर माह के शुरुआती दिनों में मिल सकते हैं. यदि कोई कानूनी मुद्दा लंबे समय से लंबित है तो उसमें राहत मिलेगी. साथ ही पारिवारिक जीवन में सुखद बदलावों का अनुभव होगा.
वृश्चिक राशि
‘केंद्र दृष्टि योग’ के निर्माण होने से वृश्चिक राशि के युवाओं की स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक तनाव में कमी आएगी. भविष्य की योजनाओं पर काम करना कारोबारियों के लिए अच्छा रहेगा. नौकरीपेशा जातकों के फैसला लेने की क्षमता मजबूत होगी और कामयाबी मिलने के नए रास्ते खुलेंगे. लव पार्टनर से रिश्ता मजबूत होगा और घर में प्यार-अपनेपन का संतुलन बना रहेगा.
धनु राशि
मंगल-गुरु के ‘केंद्र दृष्टि योग’ से धनु राशिवालों के जीवन में स्थिरता आएगी. करियर में प्रगति होने से युवाओं का मन खुश रहेगा. साथ ही स्वास्थ्य का साथ मिलेगा. जिन लोगों का अपना बिजनेस या दुकान है, उन्हें फायदा कमाने के अच्छे अवसर मिलेंगे. इस दौरान नए प्रोजेक्ट से भी अचानक फायदा होने के योग हैं. इसके अतिरिक्त लंबे समय से अटके हुए कार्यों को गति मिलेगी.

