लाइफ स्टाइल

5 ग्रह के राशि परिवर्तन से मनुष्य के जीवन पर पड़ेगा असर

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की विशेष किरदार होती है. ग्रहों की चाल और उनके गुण आदमी के स्वभाव और भविष्य पर खासा असर डालते हैं. ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी चाल को बदलते रहते हैं. यह एक विशेष अवधि में मौजूदा राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते रहते हैं. जब-जब ग्रहों का राशि बदलाव होता है तब तब इसका व्यापक असर सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है. हर महीने कई ग्रहों का राशि बदलाव होता है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा अनीष व्यास ने कहा कि अक्तूबर के महीने में 5 ग्रह अपनी राशि बदलेंगे जिसमें बुध, गुरु, मंगल, शुक्र और सूर्य ग्रह होंगे. सूर्य 17 अक्टूबर को दोपहर 1:45 पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल 27 अक्टूबर को दोपहर 3:41 पर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. बुध 3 अक्टूबर को तुला राशि में सुबह 3:43 पर और 24 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में दोपहर 12:37 पर गोचर करेंगे. गुरु 18 अक्टूबर को शाम 7:45 पर कर्क राशि में गोचर करेंगे. शुक्र 9 अक्टूबर को सुबह 10:45 पर कन्या राशि में गोचर करेंगे. शनि मीन राशि में वक्री हालत में बने रहेंगे, जबकि राहु कुंभ में और केतु सिंह में विराजमान रहेंगे. इन ग्रह परिवर्तनों का असर हर किसी की जीवन पर भिन्न-भिन्न ढंग से दिखाई देगा. इसमें किसी को फायदा तो किसी को नुकसान होगी.

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ज्योतिषाचार्य डा अनीष व्यास ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहों की चाल का असर आदमी के जीवन पर पड़ता है. ज्योतिष के नजरिए से भी ये माह बहुत जरूरी रहने वाला है. इस माह में 5 ग्रह राशि बदलाव करेंगे. वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत के मुताबिक मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं. उनका कारण ग्रहीय दशा, गोचर, उनकी चाल है. सौरमंडल में बैठे ग्रह ही यह निर्धारित करते हैं कि आने वाला समय कैसा होगा और मनुष्य जीवन पर इसका क्या असर पड़ेगा.

3 अक्टूबर को बुध का तुला राशि में गोचर

कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि बुध ग्रह को तटस्थ ग्रह माना गया है. इसके अतिरिक्त बुध ग्रह वाणी,संचार और व्यापार के कारक ग्रह माने गये हैं. बुध ग्रह के शुभ असर से शिक्षा, गणित, लेन-देन, निवेश और बिजनेस में लाभ मिलता है. इसके असर से लाभ वाला योजनाएं बनती हैं. इसके साथ ही शरीर में बुध का असर स्किन और आवाज पर पड़ता है. बुध के शुभ असर से आदमी चतुर बनता है. बुध के अशुभ असर से इन्हीं मामलों में हानि होता है. दिनांक 3 अक्टूबर को बुध ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेंगे. यह राशि बदलाव सुबह 3:43 मिनट पर होगा. इससे तुला राशि वालों को फायदा होगा. रुके हुए काम पूरे होंगे. बिजनेस में उठाया गया हर कदम सफल होगा.

9 अक्टूबर को शुक्र का कन्या राशि में गोचर

भविष्यवक्ता डा अनीष व्यास ने कहा कि वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि और वैभव प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है. शुक्र ग्रह का असर इनकम, खर्चा, शारीरिक सुख-सुविधाएं, शौक और भोग-विलास पर होता है. इस ग्रह के कारण विवाह, पत्नी, अपोजिट जेंडर और यौन सुख संबंधी मामलों में शुभ-अशुभ परिवर्तन देखने को मिलते हैं. शरीर में शुक्र का असर प्राइवेट पार्ट्स पर पड़ता है. इसके अशुभ असर से खांसी और कमर के निचले हिस्सों में रोग होती है. 9 अक्टूबर को शुक्र ग्रह कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं. यह राशि बदलाव प्रातः 10:47 मिनट पर होगा.

17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में प्रवेश

कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है. कुंडली में सूर्य ग्रह के मजबूत होने पर आदमी का समाज में मान-सम्मान और यश में बढ़ोतरी होती है. सूर्य ग्रह का असर शरीर में पेट, आंखें, दिल, चेहरे और हड्डियों पर होता है. सूर्य के अशुभ असर से सिरदर्द, बुखार और दिल की बीमारियां होती हैं. इसके शुभ असर से आत्मविश्वास बढ़ता है. सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है. इस ग्रह के असर से नौकरी और बिजनेस में तरक्की भी मिलती है. दिनांक 17 अक्टूबर को ग्रहों के राजा सूर्य तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. यह राशि बदलाव दोपहर 1:45 मिनट पर होगा. तुला राशि सूर्य की नीच राशि में आती है. यह गोचर जातक के जीवन पर प्रतिकूल असर डालेगा. तुला राशि वाले इस अवधि में सावधान रहें. उन पर गलत इल्जाम लग सकता हैं. अच्छाई के बदले अपयश मिल सकता है. स्वास्थ्य को लेकर भी यह समय अच्छा नहीं है.

18 अक्टूबर को गुरु करेंगे कर्क राशि में गोचर

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि दीपावली से दो दिन पहले 18 अक्टूबर को गुरु ग्रह कर्क राशि में गोचर यानी प्रवेश करेंगे. गुरु का ये गोचर सुबह 10:45 मिनट पर होगा. हालांकि, इस समय गुरु देव मिथुन राशि में संचार कर रहे हैं. 18 अक्टूबर से लेकर 5 दिसंबर 2025 तक गुरु देव कर्क राशि में ही रहेंगे.

24 अक्टूबर को वृश्चिक में प्रवेश करेंगे बुध

कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि दिनांक 24 अक्टूबर को राजकुमार बुध ग्रह मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेंगे. यह राशि बदलाव वृश्चिक राशि वालों पर उल्टा असर डालेगा, खासतौर पर आर्थिक रूप से. इस दौरान बिजनेस के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है. व्यापार विस्तार के लिए भी यह समय अच्छा रहने वाला है. वृश्चिक राशि के अतिरिक्त यह गोचर मिथुन, कन्या, मकर राशि के लिए भी लाभदायक रहने वाला है.

27 अक्टूबर को मंगल का वृश्चिक राशि में गोचर

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि ज्योतिष में मंगल ग्रह को उग्र माना गया है. मंगल ग्रह साहस और पराक्रम के कारक होते हैं. जिन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह का असर होता है वे बहुत ही आत्मविश्वास वाले आदमी होते हैं. मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी होते हैं. दिनांक 27 अक्टूबर को ग्रहों के सेनापति मंगल ग्रह वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. यह राशि बदलाव दोपहर 3:41 मिनट पर होगा. यह गोचर भी प्रतिकूल असर डालेगा. इस दौरान अपनी स्वास्थ्य को लेकर परेशान रह सकते हैं. मन में तनाव रहेगा. परिवार में अशांति बनी रहेगी. इस दौरान कोई बड़ा फैसला लेने से बचें.

ग्रहों के गोचर का प्रभाव

भविष्यवक्ता डा अनीष व्यास ने कहा कि व्यापार में तेजी आएगी. प्राकृतिक घटनाएं होगी. भूकंप आने की आसार है. तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं. बस और रेलवे यातायात से जुड़ी बड़ी हादसा होने की भी संभावना है. रोंगों का संक्रमण बढ़ सकता है. शासन-प्रशासन और सियासी दलों में तेज संघर्ष होंगे. सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं. खदानों में हादसा और भूकंपन से जन-धन नुकसान होने की संभावना बन रही है. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में बढ़ोत्तरी होगा. राजनीति में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा.

क्या करें उपाय

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा अनीष व्यास ने कहा कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें. रोजाना सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के ऑयल का दीपक जलाएं. लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं. हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है. महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए. माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.

 

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