धान की फसल बोने के बाद इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
Paddy Farming Tips: धान की फसल की बुआई हो चुकी है। इस फसल की खेती बड़े पैमाने पर बिहार में की जाती है। ऐसे में अब किसान फसल से अच्छी पैदावार पाने के लिए तरीकों में लगे हुए हैं। 20 से 25 दिन धान की फसल बोने के बाद कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होता है, जिससे फसल से अच्छी उपज मिलती है। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक की सुझाई हुई बातों पर अमल करें तो अच्छी पैदावार मिल सकती है।

लोकल 18 ने धान की अच्छी उपज और तेजी से धान के कल्ले बढ़ने को लेकर फसल एक्सपर्ट वर्षा कुमारी से खास बात की। इस दौरान उन्होंने जो बताया, वो फसल की अच्छी पैदावार के लिए कारगर है। किसान भाई इन बातों का ध्यान रखकर अच्छी उपज पा सकते हैं।
अच्छी पैदावार के लिए ध्यान देने योग्य बातें
सॉयल एक्सपर्ट वर्षा कुमारी के मुताबिक, धान की फसल से अच्छी उपज के लिए खरपतवार नियंत्रण, पोषक तत्व की उपलब्धता, खाद का ठीक समय से इस्तेमाल और खेतों में पानी का संतुलन महत्वपूर्ण है। उन्होंने विस्तार से कहा कि ये काम कैसे करना है।
खरपतवार नियंत्रण
धान की फसल में खरपतवार की परेशानी बहुत अधिक होती है, जिसके चलते पैदावार पर असर पड़ता है। ऐसे में किसानों को समय-समय पर निकौनी करवानी चाहिए, ताकि फालतू खरपतवार बाहर आ जाए और फसल की पैदावार प्रभावित न हो। कृषि यंत्र से भी धान की फसल से खरपतवार बाहर निकाला जा सकता है, उसके लिए कोनो वाइडर का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि यह कृषि यंत्र धान की सीधी बुआई में ही काम आता है।
खाद का इस्तेमाल
अक्सर देखा जाता है कि धान की फसल लगाने के बाद किसान खाद का इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। इससे पैदावार पर बुरा असर पड़ता है। धान की फसल में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करना महत्वपूर्ण है। जैविक खाद का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही खेतों में अजोला का प्रयोग अच्छा साबित होता है।
पोषक तत्व
धान की फसल को अच्छा पोषण मिले, इसके लिए मिट्टी की जांच नियमित रूप से करवाना महत्वपूर्ण है। यदि कोई कमी रह जाती है तो एक्सपर्ट की राय से काम करना चाहिए। साथ ही, 4 वर्ष में एक बार जिंक सल्फेट का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके प्रयोग से धान में खखरी की परेशानी से निजात मिलती है।
पानी का ठीक प्रबंधन
धान की फसल में हर समय पानी रखना महत्वपूर्ण नहीं है। पानी का प्रयोग समय-समय पर ही करना चाहिए, ताकि कीट व्याधि का प्रकोप फसल में न बढ़े और पैदावार प्रभावित न हो। पानी के प्रबंधन पर खास ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है।

