Agri: गेंदा फूलों का गार्डन बनाएं और पाएं बंपर उपज, जानें सटीक तरीका
अक्टूबर का महीना गेंदा की खेती प्रारम्भ करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस समय मौसम संतुलित रहता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और फूलों की गुणवत्ता भी बेहतरीन मिलती है।

अगर आप गेंदा फूल के पौधे को घना और अधिक फूलों वाला बनाना चाहते हैं तो पिचिंग और प्रूनिंग आवश्यक है। कैसे पौधा लगाए जिससे अधिक से अधिक फूलों की खेती हो और फायदा कमा सकते हैं, जानिए स्टेप बाई स्टेप।
गेंदा की खेती के लिए भूरभूरा मिट्टी को सबसे अच्छा माना जाता है। इसके लिए खेत की 2–3 बार गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी और उपजाऊ बनाना महत्वपूर्ण है। अंतिम जुताई के समय 15–20 टन गोबर की सड़ी हुई खाद खेत में मिला दी जाती है।
गेंदा के बीज गमले या क्यारियों में मामूली मिट्टी और गोबर की खाद 2:1 अनुपात मिलाकर बोएं। मामूली मिट्टी डालकर बीज को ढक दें और हल्का पानी दें।
बीज पांच से सात दिन में अंकुरित हो जाते हैं। जब पौधे तीन से चार इंच के हो जाएं तो इन्हें धूप वाली स्थान पर रखें। जब पौधा छह से आठ इंच तक बढ़ जाए तो ऊपर की नोक को हल्के से उंगलियों या कैंची से तोड़ दें। इससे पौधा साइड से नयी टहनियां निकालेगा और अधिक घना होगा।
जिन टहनियों पर पुराने या सूखे फूल लगे हों, उन्हें काटते रहें। पौधे को समय-समय पर हल्का ट्रिम करें ताकि नयी शाखाएं आती रहें।महीने में एक बार गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट डालें। फूलों के समय पोटाश और फास्फोरस जैसे राख या DAP की थोड़ी मात्रा डालने से खूब फूल आते हैं।
गेंदा को कम से कम पांच से छह घंटे की सीधी धूप चाहिए। तभी फूल अच्छे से खिलतीं है। पौधे की नियमित पिचिंग और प्रूनिंग करने से गेंदा का पौधा झाड़ी जैसा घना बनेगा और उस पर बहुत सारे फूल खिलेंगे।

