लाइफ स्टाइल

पितृ कार्येषु अमावस्या पर यह अनुष्ठान करने से दूर होते हैं सभी कष्ट

उत्तराखंड का हरिद्वार एक धर्मनगरी है, जहां लोग मोक्ष पाने की लालसा लेकर धार्मिक अनुष्ठान, हवन यज्ञ आदि करते हैं हरिद्वार में नाराज पितरों को मनाने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का भी महत्व कहा गया है ज्योतिषी गणना के मुताबिक कुछ खास तिथियों पर पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है यदि किसी के पितृ नाराज हैं और उनकी कुंडली में पितृदोष है, तो हरिद्वार में कुछ जगह ऐसे हैं, जहां पर वे अपने पितरों के लिए अनुष्ठान, पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध, यज्ञ, हवन आदि करने से पितृदोष से मुक्त हो सकते हैं मार्गशीर्ष मास में पितृ कार्येषु अमावस्या (30 नवंबर 2024) आ रही है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है यह अमावस्या पितरों को समर्पित तिथि है इस दिन कोई भी कार्य अपने पितरों के लिए करने पर उसका कई गुना फल प्राप्त होता है

Pinddaan

WhatsApp Group Join Now

हरिद्वार निवासी पंडित श्रीधर शास्त्री ने लोकल 18 से वार्ता में धर्मनगरी में पितृ कार्येषु अमावस्या का महत्व बताते हुए बोला कि इस अमावस्या के दिन हरिद्वार में अपने नाराज पितरों को प्रसन्न करने का विशेष महत्व है हरिद्वार में हर की पौड़ी पर कुशा घाट, नारायणी शिला मंदिर और हरिद्वार की प्राचीन उपनगरी भगवान शिव की ससुराल कनखल में सती घाट पर अपने पितरों को मोक्ष प्रदान करने के लिए कोई भी धार्मिक अनुष्ठान, पिंडदान, श्राद्ध कर्म, तर्पण, यज्ञ आदि करने का विशेष महत्व कहा गया है धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हर की पौड़ी में कुशा घाट पर पितरों के निमित्त कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने पर संपूर्ण से अधिक फल प्राप्त होता है, तो वहीं नारायणी शिला मंदिर में श्रद्धा और भक्तिभाव से कोई भी धार्मिक अनुष्ठान करने से नाराज पितरों को प्रसन्न किया जाता है

भगवान विष्णु देंगे मोक्ष का आशीर्वाद
उन्होंने आगे बोला कि वहीं भगवान शिव की ससुराल कनखल के सती घाट पर अपने नाराज पितरों-पूर्वजों के निमित्त कोई भी धार्मिक कार्य करने पर उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होने का वर्णन कई धार्मिक ग्रंथों में किया गया है 30 नवंबर को पितृ कार्येषु अमावस्या के दिन अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्तिभाव से कोई भी धार्मिक अनुष्ठान इन जगहों पर कर सकते हैं, जिससे आपको अपने पितरों की विशेष कृपा प्राप्त होगी और भगवान विष्णु उन्हें मोक्ष प्राप्ति का आशीर्वाद प्रदान करेंगे

Back to top button