हो जाएं सावधान! इस लत का सामना कर सकते हैं रील्स देखने वाले लोग
आजकल कई लोगों के लिए मोबाइल और सोशल मीडिया एक लत बन गए हैं. कई लोग मोबाइल पर रील्स और शॉर्ट्स देखने में घंटों बिता देते हैं. कुछ लोग तो सोते समय भी रील्स देखते हैं, लेकिन इससे गंभीर रोंगों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही इसका मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर भी बुरा असर पड़ सकता है. इस बारे में मुंबई की मनोचिकित्सक डाक्टर गौरी राउत ने जानकारी दी है.

लोकल 18 से बात करते हुए डाक्टर राउत ने बोला कि आज के युग में मोबाइल हर आदमी के जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन गया है. डिजिटल दुनिया में, एक तरफ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ने काम को आसान बना दिया है, लेकिन दूसरी तरफ यही गैजेट्स, जैसे मोबाइल, हानि भी पहुंचा सकते हैं. छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक, मोबाइल एक लत बन गया है. मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और विभिन्न बीमारियां बढ़ रही हैं.
हेल्थ पर असर
बता दें कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले हर किसी को आजकल रील्स देखने की लत लग गई है. कई लोग घंटों रील्स देखते रहते हैं, लेकिन, यह लत बड़े पैमाने पर घातक साबित हो रही है. रात में देर तक लगातार रील्स देखने वाले लोगों में से 60 फीसदी लोग नींद न आने, सिरदर्द, माइग्रेन जैसी समस्याओं से ग्रस्त हैं. इसके अलावा, इससे उच्च रक्तचाप (high blood pressure) जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं. एडल्ट्स से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को ऐसे मानसिक बीमारी होने की आसार होती है. सिरदर्द, आंखों में दर्द, सोते समय आंखों में चमक महसूस होना जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.
उपाय क्या है?
मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाली रोंगों का सबसे अच्छा तरीका है मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करना. आवश्यकता हो तभी मोबाइल का इस्तेमाल करें. इसके बजाय परिवार के साथ समय बिताएं. पसंदीदा किताबें पढ़ें. करीबी लोगों, दोस्तों से मिलें. लोगों से वार्ता करते रहें. साथ ही मेडिटेशन और व्यायाम करें

