नेत्रहीन कलाकारों ने किया शानदार प्रदर्शन, श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
कोरबा शहर में एक हृदयस्पर्शी दृश्य सामने आया है। जहां नेत्रहीन कलाकारों के एक समूह ने अपने सुरों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लेकिन इस संगीत का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। बल्कि यह अपने जैसे मूक-बधिर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए एक नेक कोशिश है।

निहारिका क्षेत्र में सड़क किनारे, ओडिशा के नेत्रहीन संस्था के कलाकारों ने एक भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया। इन प्रतिभाशाली नेत्रहीन कलाकारों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिससे राहगीर भी रुकने पर विवश हो गए। यह कार्यक्रम किसी औपचारिक आयोजन का हिस्सा नहीं था। बल्कि इन नेत्रहीन कलाकारों द्वारा अपने जैसे जरूरतमंद नेत्रहीनों के लिए धन जुटाने का स्वैच्छिक कोशिश था।
नेत्रहीन कलाकारों ने छेड़ा सुरों का जादू
कलाकार नेपु जैना ने कहा कि उनकी टीम लोगों की मांग पर विभिन्न स्थानों पर अपनी प्रस्तुति देती है। इससे प्राप्त रकम का इस्तेमाल नवरंगपुर, ओडिशा में स्थित नेत्रहीन बच्चों के लिए एक विद्यालय के संचालन में करती है।नेपु जैना ने कहा की हमारा उद्देश्य केवल संगीत बजाना नहीं है। बल्कि उन बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है जो देख नहीं सकते और सुन नहीं सकते। हम चाहते हैं कि वे भी समाज में अपना जगह बनाएं और आत्मनिर्भर बनें।
कलाकारों का हौसला काबिले तारीफ
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों के इस सरेंडर और संगीत के प्रति उनके प्रेम की सराहना की।एक राहगीर ने बोला कि इन कलाकारों का हौसला काबिले प्रशंसा है। वे न सिर्फ़ अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी आशा की किरण जगा रहे हैं। इन नेत्रहीन कलाकारों का यह कोशिश वास्तव में प्रेरणादायक है। जो दर्शाता है कि संगीत में न सिर्फ़ मनोरंजन की शक्ति है। बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक ताकतवर माध्यम है। कोरबा के लोगों ने इन कलाकारों के नेक कार्य को सराहा और खुले दिल से दान दिया। जिससे मूक-बधिर बच्चों के भविष्य को संवारने में सहायता मिलेगी।

