यहां एक बार माथा टेक लेने से सारी मुरादे होती है पूरी
रांची: राजधानी रांची के नामकोम में एक मराशिलि पहाड़ है। यह पहाड़ काफी पवित्र है। बोला जाता है कि वाल्मीकि ने तपस्या की थी और भगवान राम यहां पर प्रकट भी हुए थे और दर्शन भी दिए थे। ऐसे में यहां पर शिव मंदिर बनाया गया है और बोला जाता है जो आदमी यहां पर एक बार माथा टेक ले, उसकी मुराद 6 महीने के भीतर पूरी होती है।

यहां के पुजारी शंभूनाथ बताते हैं, यहां पर आज भी आपको इस पहाड़ के पीछे घने जंगल नजर आएंगे और छोटी-छोटी गुफाएं हैं। जहां पर संत महात्मा रहते हैं और साधना करते हैं। क्योंकि, यह स्थान शहर से बिल्कुल दूर, सन्नाटा और जंगल के बीच में रहने के कारण काफी शुद्ध वातावरण प्रदान करती है।
वाल्मीकि को हुआ था राम का दर्शन
उन्होंने आगे बताया, हमारे पूर्वज बताते थे यहां पर वाल्मीकि जिस समय में आए थे। उस समय तो केवल और केवल जंगल ही था। ऐसे में यह पहाड़ भी सदियों पुराना है, तो यहां पर उन्होंने साधना के लिए डेरा डाला और यहीं पर उन्होंने राम नाम की तपस्या भी की थी और इसी पहाड़ में बगल में शिव भगवान का स्वयंभू भी है।
साथ ही, यहां पर एक मंदिर का निर्माण भी कराया गया। इस पहाड़ में एक छोटा सा शिव भगवान का मंदिर है। इसीलिए अब इसे शिव धाम के नाम से भी जाना जाता है। बोला जाता है यदि आप सच्चे मन से यहां ध्यान से अपनी मुराद मांगते हैं वह जरूर पूरी हो जाती है। कई लोग यहां विवाह की मनौती किये थे छह माह के भीतर उनकी विवाह हो गई।
संतान की भी होती है प्राप्ति
पुजारी बताते हैं, यहां पर प्रत्येक दिन कोई ना कोई ऐसे आते हैं जिनकी विवाह नहीं हो रही है। जिनको संतान नहीं है या फिर जिनके घर में केवल कलह हो रहे हैं। यहां आते हैं मन्नत मांगते हैं और चमत्कारिक रूप से उनके जीवन की परेशानी समाप्त होती है। कुछ आदमी तो ऐसे हैं जिनकी विवाह मैंने स्वयं कराई है। यहां पर मन्नत मांगा, उनकी दो महीने के भीतर विवाह और एक वर्ष के भीतर बच्चे भी हो गए | इसीलिए यहां पर लोगों की आस्था काफी अधिक है।

