इस प्राचीन मंदिर में आराधना करने से मिलती है सभी कष्टों से मुक्ति
भारत में आपको ऐसे अनेकों प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर मिल जाएंगे, जिनका इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। ऐसा ही एक मंदिर रामपुर में उपस्थित है। इसे सनातनियों द्वारा सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। यह नगर का सबसे प्राचीन मंदिर माना गया है। वैसे तो इस मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी रहती है, लेकिन शिवरात्रि और गंगा स्नान पर यहां श्रद्धालुओं का ऐसा तांता लगता है। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं को लाइनों में लगकर लंबा प्रतीक्षा भी करना पड़ता है।

300 वर्ष से अधिक पुराना मंदिर
उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर में पुराना गंज क्षेत्र की संकरी गलियों में स्थित हरिहर मंदिर शहर का सबसे प्राचीन और मशहूर मंदिर है। पंडित प्रांजल भारद्वाज ने कहा कि उनकी सातवीं पीढ़ी इस मंदिर में अपनी सेवा दे रही है। उनके पिता के मृत्यु के बाद वो इस मंदिर के पुजारी हैं। उन्होंने कहा कि हरिहर की बगिया के नाम से मंदिर मशहूर है।यह मंदिर लगभग साढ़े 300 वर्ष से भी अधिक पुराना है। तब यहां पर जंगल में हरिहर बाबा रहते थे, जो नियमित रूप से शिवजी का पूजन करते थे। उन्होंने ही यहां एक दिव्य शिवलिंग की स्थापना की। बाबा ने तीन 300 वर्ष पहले यहां समाधि ली। यहां समाधि स्थल आज भी उपस्थित है।
आखिर क्यों खास है यह मंदिर?
इस मंदिर की एक और विशेषता है कि इस मंदिर में नवग्रह देखने को मिलेंगे। जो आमतौर पर बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। इस मंदिर में समृद्धि, प्रसिद्ध, धन और सामाजिक स्थिति के देवता हैं। मंदिर की मूर्तियां असाधारण रूप से सुंदर और जटिल रूप से नक्काशीदार है, जिनमें राम परिवार, शिव परिवार, राधाकृष्ण, हनुमान जी, अन्य सभी देवी देवता विराजमान हैं। यहां दर्शन मात्र से लोगों की हर इच्छा पूर्ण होती है। भगवान शिव का यह मंदिर अत्यंत ही मशहूर है, जहां प्रतिदिन कई श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
हर इच्छा होती है पूरी
कहा जाता है कि इस मंदिर में जो भी सच्चे दिल से पूजा करता है, उसकी हर एक इच्छा पूरी हो जाती है। दूर-दूर से लोग यहां पर घर-परिवार से जुड़ी दुआ मांगने के लिए पहुंचते हैं

