बप्पा को चढ़ाये बिना चीनी वाला मोदक
भोपाल। गणेश चतुर्थी 2025 करीब है और बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरे राष्ट्र में जोरों पर हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान गणेश को उनका प्रिय भोग मोदक चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जीवन और डायबिटीज जैसी रोंगों के चलते कई लोग मीठा खाने से बचते हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या बप्पा को बिना चीनी वाला मोदक चढ़ाया जा सकता है? इसका उत्तर है…हां।

क्यों खास है बिना चीनी वाला मोदक?
परंपरागत मोदक चीनी और गुड़ से भरपूर होता है, जो स्वादिष्ट जरूर होता है लेकिन हर किसी के लिए हेल्दी नहीं। इस बार आप घर पर शुगर-फ्री मोदक बना सकते हैं, जिसमें सफेद चीनी की स्थान नारियल, गुड़ पाउडर या स्टीविया का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका स्वाद एकदम पारंपरिक मोदक जैसा होगा और स्वास्थ्य को कोई हानि भी नहीं पहुंचेगा।
25 मिनट में तैयार हो जाएगा हेल्दी मोदक
बिना चीनी वाला मोदक बनाने में कठिन से 25–30 मिनट लगते हैं। इस रेसिपी में गूंथे हुए मैदे का आटा और नारियल-गुड़ का मिश्रण इस्तेमाल होता है। मोदक का आकार सांचे से दिया जा सकता है और यदि सांचा न हो तो हाथ से भी आकार देना आसान है।
कैसे बनाएं शुगर फ्री मोदक?
सबसे पहले मैदा को पानी डालकर गूंथ लें और थोड़ी देर ढककर रख दें। दूसरी ओर, एक पैन में घी गर्म करके नारियल भूनें और उसमें गुड़ पाउडर या स्टीविया डालकर अच्छे से मिला लें। अब इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए ड्राई फ्रूट्स डालकर मिश्रण तैयार करें। आटे की छोटी लोई लेकर उसमें यह मिश्रण भरें और मोदक का आकार दें। इसके बाद इन्हें स्टीम करके 15 मिनट तक पकाएं और ऊपर से केसर और घी डालकर सजा दें।
हर उम्र के लिए हेल्दी विकल्प
यह शुगर-फ्री मोदक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के लिए सुरक्षित है। डायबिटीज से जूझ रहे लोग भी बिना झिझक इसका स्वाद ले सकते हैं। त्योहार के मौके पर यह रेसिपी परंपरा और स्वास्थ्य दोनों का बेहतरीन संगम है।

